जोधपुर, संवाददाता: कपिल सांखला
बिजली चोरी जांच हमला एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिले के झीपासनी गांव में बिजली चोरी की जांच करने पहुंची बिजली विभाग की टीम पर उपभोक्ता परिवार के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में अधिकारियों और कर्मचारियों को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। यह बिजली चोरी जांच हमला न केवल कानून व्यवस्था की चुनौती को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकारी कार्य में लगे कर्मचारियों को किस तरह के खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
झीपासनी गांव में क्या हुआ
गुरुवार को झीपासनी गांव में बिजली विभाग की टीम नियमित जांच के तहत एक उपभोक्ता के घर पहुंची थी। जांच के दौरान जैसे ही टीम ने मीटर और केबल जब्त करने की कार्रवाई शुरू की, स्थिति अचानक बिगड़ गई। इसी दौरान उपभोक्ता परिवार के सदस्यों ने आपा खोते हुए बिजली चोरी जांच हमला कर दिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बिजली चोरी की जांच कैसे शुरू हुई
कनिष्ठ अभियंता कमल किशोर भाटी के अनुसार, वह सहायक अभियंता इंद्रोका, जोधपुर डिस्कॉम में कार्यरत हैं। उनके साथ जितेंद्र खोजा, सुनील कुमार और एफआरटी कर्मचारी पुखराज चौधरी शामिल थे। टीम को सूचना मिली थी कि झीपासनी गांव में धन्नाराम के घर बिजली चोरी की जा रही है। इसी सूचना के आधार पर बिजली चोरी जांच हमला से पहले विभागीय जांच शुरू की गई।
टीम पर हमला और हालात
जैसे ही टीम ने मीटर और केबल जब्त करने की कार्रवाई की, धन्नाराम, उसकी पत्नी, पुत्रवधु और भाई ने लाठियों से हमला कर दिया। इस बिजली चोरी जांच हमला में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें बुरी तरह पीटा गया। हालात इतने बिगड़ गए कि सभी कार्मिकों को जान बचाकर वहां से भागना पड़ा।
अधिकारियों की शिकायत और एफआईआर
घटना के बाद कनिष्ठ अभियंता कमल किशोर भाटी ने करवड़ थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में मारपीट, गाली-गलौज और राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने का उल्लेख किया गया है। इस बिजली चोरी जांच हमला को गंभीर अपराध मानते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
करवड़ थानाधिकारी परमेश्वरी ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिजली चोरी जांच हमला करने वाले आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली चोरी और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल
यह बिजली चोरी जांच हमला केवल एक घटना नहीं है, बल्कि यह बिजली चोरी जैसी गंभीर समस्या और उससे जुड़े खतरों को उजागर करता है। सवाल यह है कि जब सरकारी कर्मचारी अपना कर्तव्य निभाने जाते हैं, तो उनकी सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा? क्या बिजली चोरी रोकने के लिए सख्त कानून और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत नहीं है?
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