Maharashtra Leopard Attack Issue उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब राज्य के वन मंत्री गणेश नाइक ने तेंदुओं को मानव बस्तियों से दूर रखने के लिए जंगल में बड़ी संख्या में बकरियां छोड़ने का सुझाव दे दिया। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और इसे अव्यावहारिक करार दिया जाने लगा।
जंगल में बकरियां छोड़ने का सुझाव क्या है
Maharashtra Leopard Attack Issue के तहत वन मंत्री गणेश नाइक ने कहा था कि अगर तेंदुओं के हमलों में चार लोगों की मौत होती है, तो सरकार को करीब एक करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में देने पड़ते हैं। ऐसे में उनका सुझाव था कि मुआवजा देने के बजाय उसी रकम की बकरियां जंगल में छोड़ दी जाएं, ताकि तेंदुओं को शिकार के लिए मानव बस्तियों में न आना पड़े।
अजित पवार ने क्यों बताया यह आइडिया हास्यास्पद
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस सुझाव पर तंज कसते हुए इसे हास्यास्पद बताया। Maharashtra Leopard Attack Issue पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अगर जंगल में बकरियां छोड़ी गईं, तो तेंदुओं से पहले ग्रामीण ही उनका शिकार कर लेंगे। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह विचार व्यावहारिक नहीं लगता और शायद यह वन विभाग की सोच हो सकती है।
तेंदुओं के हमलों पर सरकार को कितना मुआवजा देना पड़ता है
Maharashtra Leopard Attack Issue के अनुसार राज्य में तेंदुओं के हमलों में किसी व्यक्ति की मौत होने पर सरकार को प्रति पीड़ित परिवार करीब 25 लाख रुपये तक मुआवजा देना पड़ता है। चार मौतों की स्थिति में यह राशि एक करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है, जिसे लेकर वन मंत्री ने यह विवादित सुझाव दिया था।
महाराष्ट्र में तेंदुओं की बढ़ती संख्या
अजित पवार ने Maharashtra Leopard Attack Issue पर बात करते हुए बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि महाराष्ट्र में करीब 2,000 तेंदुए मौजूद हैं। इनमें से बड़ी संख्या तेंदुओं की गन्ने की खेती वाले इलाकों में रहती है, जहां उन्हें छिपने और शिकार करने में आसानी होती है।
किन जिलों में तेंदुओं का सबसे ज्यादा खतरा
राज्य वन विभाग के अनुसार Maharashtra Leopard Attack Issue से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले अहिल्यानगर, पुणे और नासिक हैं। इन इलाकों में मानव बस्तियों और जंगलों की नजदीकी के कारण तेंदुओं के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
वनतारा चिड़ियाघर की सीमा और सरकार की चिंता
Maharashtra Leopard Attack Issue पर सरकार ने वनतारा चिड़ियाघर से भी जानकारी ली थी। चिड़ियाघर प्रबंधन ने बताया कि वह अधिकतम 50 तेंदुओं को ही संभाल सकता है। ऐसे में हजारों तेंदुओं को शिफ्ट करना या कैद में रखना फिलहाल संभव नहीं है, जिससे सरकार की चिंता और बढ़ गई है।
तेंदुओं से निपटने के लिए सरकार की आगे की योजना
अजित पवार ने कहा कि Maharashtra Leopard Attack Issue से निपटने के लिए सरकार मौजूदा रेस्क्यू सेंटर की क्षमता बढ़ाने और नए बचाव केंद्र स्थापित करने पर काम कर रही है। इसके साथ ही वन विभाग को वैकल्पिक और वैज्ञानिक उपायों पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मानव और वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके।
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