पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद मंगलवार दोपहर एक बार फिर दहल उठी।हाई कोर्ट के पास एक कार सुसाइड ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए।धमाका इतना तेज था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां पलट गईं और पूरा इलाका आग के गोले में बदल गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब कोर्ट परिसर के बाहर भारी भीड़ मौजूद थी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, इलाके को घेरा गया
धमाके के तुरंत बाद पुलिस, आर्मी और रेस्क्यू टीमों ने पूरे इलाके को घेर लिया।फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कीं।घटना स्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है और आस-पास की सभी सरकारी इमारतों को खाली कराया जा रहा है।प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि धमाका एक एक्सप्लोसिव से भरी कार में हुआ,जिसे एक आत्मघाती हमलावर चला रहा था
हमले की टाइमिंग पर सवाल — दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा लिंक?
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब भारत की राजधानी दिल्ली में भी लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास ब्लास्ट हुआ था।दोनों धमाके लगभग 24 घंटे के अंतराल में हुए हैं,जिससे सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांच रही हैं कि कहीं दोनों हमलों में कोई कनेक्शन तो नहीं।इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में हुआ यह ब्लास्ट पूर्व-नियोजित आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
आतंकियों का नया पैटर्न — पब्लिक स्पॉट्स पर सुसाइड मिशन
पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान में TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और अन्य आतंकी संगठनों की गतिविधियां तेज हुई हैं।विशेष रूप से सार्वजनिक स्थानों — मस्जिदों, अदालतों और पुलिस कार्यालयों — पर सुसाइड हमले बढ़े हैं।विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला भी सरकार और न्यायपालिका को निशाना बनाने के उद्देश्य से किया गया है।विस्फोटक विशेषज्ञों का मानना है कि हमलावर की कार में 50 किलो से अधिक RDX या TNT इस्तेमाल हुआ होगा।
घायलों का इलाज जारी, कई की हालत गंभीर
घायलों को इस्लामाबाद के पाक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।डॉक्टरों ने बताया कि कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।पुलिस ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज़ 2 किलोमीटर दूर तक सुनी गई।
दुनिया भर में निंदा, भारत ने कहा – हम आतंक के खिलाफ हैं
इस हमले की भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने कड़ी निंदा की है।भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा —“हम आतंकवाद के किसी भी रूप और उसकी किसी भी जगह पर होने की सख्त निंदा करते हैं।”
वहीं पाकिस्तान सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है।
जांच जारी – कौन था हमलावर, क्या था टारगेट?
सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के CCTV फुटेज कब्जे में ले लिए हैं।पहली नजर में लगता है कि हमलावर न्यायिक परिसर या पुलिस कर्मियों को निशाना बनाना चाहता था।हालांकि अभी तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संभावना पर भी जांच कर रही हैं।
एक और चेतावनी कि आतंक अब भी ज़िंदा है
इस्लामाबाद का यह धमाका पाकिस्तान के लिए सिर्फ एक सुरक्षा चुनौती नहीं,बल्कि यह संदेश भी है कि आतंकवाद अब भी उसकी सरहदों में सक्रिय है।एक तरफ देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है,दूसरी तरफ आतंक फिर सिर उठा रहा है —जो पाकिस्तान के लिए आने वाले वक्त में और भी खतरनाक संकेत दे रहा है





