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दौसा में प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: 28 गाँवों से गुजरेगा, कनेक्टिविटी बढ़ेगी

राजस्थान के दौसा जिले के लिए एक और विकास की सौगात सामने आई है: प्रस्तावित ब्यावर–भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Beawar–Bharatpur Greenfield Expressway) जो लगभग 324–342 किलोमीटर लंबा होगा।  के ब्यावर से शुरू होकर भरतपुर तक जाएगा और इस मार्ग में दौसा जिले के लालसोट उपखंड के 28 से अधिक गाँवों से होकर गुज़रेगा।राजस्थान के दौसा जिले के लिए एक और विकास की सौगात सामने आई है: प्रस्तावित ब्यावर–भरतपुरग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Beawar–Bharatpur Greenfield Expressway) जो लगभग 324–342 किलोमीटर लंबा होगा। यह एक्सप्रेसवे राजस्थान के ब्यावर से शुरू होकर भरतपुर तक जाएगा और इस मार्ग में दौसा जिले के लालसोट उपखंड के 28 से अधिक गाँवों से होकर गुज़रेगा।

 

 

कौन-कौन से गाँव प्रभावित होंगे

लालसोट उपखंड में प्रस्तावित मार्ग से गुजरने वाले गाँवों में शामिल हैं – विजयपुरा, लोरवाड़ा, गूड़डिया, श्रीमा, गोविंदपुरा, करणपुरा (चक 1-4), मोहब्बतपुरा, देवली, खेडली, प्रहलादपुरा, खटवा, मालावास, रामपुरा खुर्द, भामावास, रामपुरा कला, बिलोणा कला, खेमावास, किशनपुरा, टोडा टेकला, बिनौरी, शाहपुरा, महाराजपुरा, थानपुरा, हमीरपुरा, डिवाचली कलां, डिवाचली खुर्द आदि।इन गाँवों की करीब 1000 बीघा भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास

यह एक्सप्रेसवे बनने से दौसा जिले का लालसोट उपखंड एक महत्वपूर्ण हाइवे जंक्शन बनने जा रहा है — क्योंकि इस क्षेत्र से पहले ही दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, बांदीकुई–जयपुर एक्सप्रेसवे और अन्य उच्च गति मार्ग गुजरते हैं। इस नए मार्ग से ब्यावर-अजमेर होते हुए गुजरात व उत्तरी भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड) के साथ कनेक्शन और सुगम होगा।वर्तमान में ब्यावर से भरतपुर तक का सफर करीब 7-8 घंटे लेता है, इस एक्सप्रेसवे के बनने पर इसे लगभग 3-4 घंटे तक लाया जा सकता है। व्यापार और निवेश के लिहाज से यह क्षेत्र आकर्षक बनेगा — खासकर सरसों, मूंगफली आदि कृषि आधारित उद्योग को लाभ मिलेगा क्योंकि परिवहन लागत और समय दोनों कम होंगे

भूमि अधिग्रहण और प्रक्रिया

इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 3,175 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।स्थानीय तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रस्तावित मार्ग में आने वाली भूमि की रजिस्ट्री, विक्रय या रूपांतरण प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया में बाधा न आए।ज़मीन-अधिग्रहण, सर्वेक्षण और रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू हो चुका है।

लाभ और चुनौतियाँ

लाभ:

  • ज्यादा सुगम, तेज और सुरक्षित कनेक्शन होगा।

  • ज़मीन-मूल्य में वृद्धि तथा स्थानीय निवेश बढ़ेगा।

  • रोजगार व कारोबार के अवसर बनेंगे।

  • क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

चुनौतियाँ:

28 + गाँवों में रहने वाले लोगों के लिए विस्थापन, पुनर्वास व मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित करना होगा।अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय-सीमा का पालन जरूरी होगा।मार्ग निर्माण के दौरान पर्यावरणीय व सामाजिक विचारों का ध्यान रखना होगा।निर्माण के दौरान स्थानीय ट्रैफिक व जीवन में व्यवधान आ सकता है।दौसा जिले व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम साबित हो सकती है। सिर्फ एक बेहतर रास्ता नहीं बल्कि क्षेत्र-विकास, बाजारों से जुड़ाव व लोगों की सहूलियत का माध्यम बनेगी। यदि समय पर काम पूरा हुआ और समुचित योजना के साथ चला, तो यह मार्ग आने वाले वर्षों में राजस्थान के ट्रांसपोर्ट मैप को बदलने वाला है।यदि आप चाहते हैं तो मैं इस एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित नक्शा, मार्ग-विवरण और किन जिलों से होकर जाएगा आदि विस्तृत जानकारी ढूंढ सकता हूँ।

 

संवाददाता_हंसराम गुर्जर

 

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