कोटा (राजस्थान):तेजपाल सिंह बग्गा
राजश्री पान मसाला कंपनी के भ्रामक विज्ञापन मामले में अब बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान कानूनी शिकंजे में फंसते नजर आ रहे हैं।कोटा जिला उपभोक्ता संरक्षण न्यायालय ने सलमान खान और राजश्री पान मसाला कंपनी दोनों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर 2025 को होगी।
भाजपा नेता और अधिवक्ता ने दायर किया परिवाद
यह परिवाद कोटा के वरिष्ठ भाजपा नेता और राजस्थान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता इंद्रमोहन सिंह हनी ने पेश किया है।उन्होंने मंगलवार दोपहर को जिला उपभोक्ता न्यायालय में शिकायत दर्ज कराते हुए पान मसाला के भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने की मांग की।इंद्रमोहन सिंह का कहना है कि कंपनी द्वारा प्रसारित विज्ञापन न केवल भ्रामक हैं, बल्कि ये जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक आदतों को बढ़ावा देते हैं।
“केसर युक्त इलायची” का दावा सवालों के घेरे में
परिवाद में कहा गया है कि राजश्री पान मसाला कंपनी अपने उत्पादों को “केसर युक्त इलायची” और “केसर युक्त पान मसाला” के रूप में प्रचारित कर रही है, जो उपभोक्ताओं को भ्रमित करता है।शिकायतकर्ता ने कहा —“केसर का बाजार मूल्य करीब 4 लाख रुपये प्रति किलो है, ऐसे में यह संभव नहीं कि 5 रुपये के पाउच में असली केसर हो।”उन्होंने दावा किया कि कंपनी का यह प्रचार फर्जी और भ्रामक है, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है।
युवाओं को पान मसाला की ओर आकर्षित करने का आरोप
परिवाद में यह भी कहा गया है कि ऐसे विज्ञापन युवा पीढ़ी को पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की लत की ओर आकर्षित करते हैं।इससे समाज में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।सलमान खान जैसे लोकप्रिय अभिनेता द्वारा इन उत्पादों का प्रचार करना, समाज के लिए नकारात्मक संदेश देता है।
सलमान खान के पुरस्कार वापस लेने की मांग
शिकायतकर्ता ने अपने परिवाद में यह भी मांग की है किसरकार द्वारा सलमान खान को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार वापस लिए जाएं, क्योंकि उन्होंने जनस्वास्थ्य विरोधी उत्पाद का विज्ञापन किया है।इंद्रमोहन सिंह हनी का कहना है —“सरकार को ऐसे कलाकारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए जो अपने लाभ के लिए समाज के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।”
कंज्यूमर कोर्ट ने मांगा जवाब
कोटा उपभोक्ता न्यायालय ने अब राजश्री पान मसाला कंपनी और अभिनेता सलमान खान दोनों को 27 नवंबर तक अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख भी निर्धारित कर दी है।कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कंपनी के विज्ञापन भ्रामक पाए गए, तो यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत गंभीर दंडनीय अपराध बन सकता है।यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या सेलेब्रिटीज़ को बिना तथ्यात्मक सत्यापन के किसी भी उत्पाद का प्रचार करना चाहिए?क्योंकि उनके शब्द और चेहरे से जुड़ी विश्वसनीयता लाखों लोगों के निर्णयों को प्रभावित करती है।अब देखना यह है कि सलमान खान और राजश्री कंपनी कोर्ट के समक्ष क्या जवाब पेश करते हैं।





