जयपुर
राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे शातिर हेरोइन तस्कर (drug smuggler) को गिरफ्तार किया है जो महीनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।पकड़ा गया आरोपी कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि इतना चालाक था कि उसने कई राज्यों के मोबाइल नंबरों और फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर पुलिस को लगातार भ्रमित किया।जानकारी के मुताबिक, आरोपी नाबालिग है, लेकिन उसके काम करने का तरीका किसी प्रोफेशनल अपराधी से कम नहीं था।
कई राज्यों से लेता था मोबाइल नंबर
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपने ट्रैक को छुपाने के लिए राजस्थान, हरियाणा और पंजाब से अलग-अलग मोबाइल नंबर खरीदे।वह कभी सीकर, कभी झुंझुनू, तो कभी जैसलमेर के नंबरों से कॉल करता था ताकि पुलिस यह न पकड़ सके कि वह किस इलाके से ऑपरेट कर रहा है।हर कॉल के बाद वह सिम कार्ड तोड़ देता या उसे किसी अन्य व्यक्ति के नाम से दोबारा एक्टिवेट करवा देता था।इस तकनीक से वह महीनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
ड्रग तस्करी का नेटवर्क चलाता था ऑनलाइन
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अपना नेटवर्क फैला रखा था।वह ऑर्डर लेने के लिए कोड वर्ड्स का इस्तेमाल करता था — जैसे “माल” या “सामान”।पैसे ट्रांसफर के लिए वह डिजिटल वॉलेट्स और फर्जी बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल करता था।पुलिस ने जब उसका मोबाइल जब्त किया, तो उसमें से कई राज खुले — जिनमें विभिन्न राज्यों से आए कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और पेमेंट ट्रांजैक्शन शामिल हैं।
पुलिस को गुमराह करने की अनोखी तरकीब
आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपनी लोकेशन बार-बार बदलने की रणनीति अपनाई।वह कभी ट्रक में छिपकर सफर करता, तो कभी ऑटो या बस से किसी नए जिले में पहुंच जाता।जैसलमेर में वह एक ढाबे में मजदूर बनकर कुछ दिन तक रुका रहा ताकि उस पर किसी को शक न हो।एक अधिकारी ने बताया —यह नाबालिग होने के बावजूद बेहद चालाक था।उसने पुलिस को भ्रमित करने के लिए टेक्नोलॉजी और ह्यूमन नेटवर्क दोनों का इस्तेमाल किया।”
हेरोइन की बड़ी खेप बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से 100 ग्राम से ज्यादा हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।साथ ही कई सिम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।जांच में पता चला कि वह अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ा था और कई बार सीमा पार तस्करों से भी संपर्क में आया था।
कई जिलों में दर्ज हैं मामले
पुलिस रेकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सीकर, झुंझुनू, नागौर और जयपुर ग्रामीण में केस दर्ज हैं।कई बार पुलिस ने उसके ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह हर बार बच निकलता था।अंततः एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे पकड़ा।
पुलिस ने बताया – नेटवर्क के कई सिर जल्द पकड़े जाएंगे
जांच टीम अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से राजस्थान में सक्रिय ड्रग माफिया पर बड़ा प्रहार हुआ है।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —यह मामला दिखाता है कि अब ड्रग तस्करी सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी के जरिए फैल रही है।हम ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं।”
नाबालिग लेकिन अपराधी दिमाग
हालांकि आरोपी नाबालिग है, फिर भी उसके अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है।पुलिस अब उसके कनेक्शनों और पैसों के स्रोत की जांच कर रही है।
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