झालावाड़ | संवाददाता: रमेश चंद्र शर्मा
झालावाड़ में 30 नवंबर 2025 को राजकीय सामुदायिक अस्पताल में रक्तदाता समूह के तत्वावधान में रक्तदान शिविर और नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंदों के लिए रक्त उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना था। आयोजकों का कहना है कि ऐसे शिविर समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
52 यूनिट रक्तदान, रूधिरा ब्लड बैंक टीम ने किया संग्रह
इस शिविर में 52 यूनिट रक्तदान हुआ। रक्त संग्रहण का पूरा कार्य रूधिरा ब्लड बैंक झालावाड़ की मेडिकल टीम द्वारा किया गया। दाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित प्रक्रिया के तहत रक्त संग्रह किया गया। साथ ही HFDC बैंक द्वारा सभी रक्तदाताओं को फल वितरित किए गए, जिससे स्वयंसेवकों का उत्साह और बढ़ गया।
नेत्र शिविर में 25 मरीज चिन्हित, विशेष मरीज झालावाड़ रेफर
नेत्र जांच शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। यहां चिकित्सकों द्वारा 25 मरीजों को नेत्र संबंधी समस्याओं के लिए चिन्हित किया गया। जिन मरीजों को विशेष उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें आगे की जांच और इलाज के लिए झालावाड़ भेजा गया। विशेषज्ञों ने मोतियाबिंद, दृष्टिदोष और अन्य सामान्य नेत्र रोगों की प्रारंभिक जांच की।
अनुभवी रक्तदाताओं ने बढ़ाया शिविर का उत्साह
शिविर में कोऑर्डिनेटर अखिलेश मेहर भूमाडा ने अपना 21वां रक्तदान कर समाज सेवा की मिसाल पेश की। वहीं अनिल मेहरा ने 16वीं बार रक्तदान करते हुए प्रेरक भूमिका निभाई। दोनों दाताओं का योगदान युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत रहा।
युवाओं ने बढ़-चढ़कर निभाई सहभागिता
इस शिविर को सफल बनाने में कई युवाओं और समाजसेवियों का योगदान रहा। शिविर में सक्रिय रूप से भाग लेने वालों में प्रमुख रूप से — ओम जी सेन, राहुल जी सोनी, करितेश पाटीदार, राकेश जी रावल, बुधराज जी झाला, बबलू जी सरदार, पवन राठौर, अभिषेक रुहेला, रवि नाथ, पंकज जैन, कमल पाटीदार, सुनील मेहर, राहुल मेहर, छोथमल सुमन, सुरेश बालचंद मीणा, पूर्व सरपंच सालरी मेहर, गोपाल ठाकुर, श्याम ठाकुर, राहुल जी मेहर (झालावाड़), एडवोकेट रामचंद्र जी मेहर शामिल रहे। सभी युवाओं ने एकजुटता दिखाते हुए समाजसेवा के इस प्रयास को सफल बनाया और रक्तदान के महत्व को समझाया।
समाज सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
आयोजकों ने बताया कि रक्तदान शिविर और नेत्र जांच शिविर जैसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। इनका उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंदों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। शिविर ने समाज में एकजुटता, सेवा भावना और स्वास्थ्य जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।





