जोधपुर, संवाददाता: कपिल सांखला
राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जोधपुर परिसर में Jodhpur High Court Protest के तहत आज वकीलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा वर्ष 2026 में प्रत्येक माह के दो शनिवार को कार्यदिवस घोषित करने और रात्रिकालीन न्यायालयों के संचालन के निर्णय के खिलाफ अधिवक्ताओं ने डोम एरिया में एकत्रित होकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।
दो शनिवार कार्यदिवस का फैसला क्यों बना विवाद
वकीलों का तर्क है कि शनिवार-रविवार की साप्ताहिक छुट्टी वर्षों से चली आ रही परंपरा है। Jodhpur High Court Protest के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि महीने में दो शनिवार कार्यदिवस घोषित होने से उनके व्यक्तिगत, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी दायित्व प्रभावित होंगे।
संयुक्त बैठक में लिया गया आंदोलन का फैसला
इस मुद्दे पर 3 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में दोनों संगठनों की निर्वाचित, निवर्तमान और नव निर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारी तथा वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने सर्वसम्मति से Jodhpur High Court Protest को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
रात्रिकालीन न्यायालयों पर वकीलों की आपत्तियां
वकीलों ने रात्रिकालीन न्यायालयों के संचालन पर भी कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि रात के समय अदालतें चलने से वकीलों की सुरक्षा, यात्रा व्यवस्था और केस की तैयारी को लेकर गंभीर समस्याएं उत्पन्न होंगी। Jodhpur High Court Protest में यह मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया।
5 जनवरी को न्यायिक कार्य ठप
विरोध स्वरूप 5 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर सहित राज्य के समस्त अधिनस्थ न्यायालयों में अधिवक्ता स्वैच्छा से उपस्थित नहीं हुए। इसके चलते अदालती कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और न्यायिक सुनवाइयां नहीं हो सकीं। यह Jodhpur High Court Protest का सबसे प्रभावी चरण माना जा रहा है।
वकील संगठनों की एकजुटता और नेतृत्व
आज के प्रदर्शन का नेतृत्व राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी, हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष आनंद पुरोहित और नव निर्वाचित अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने Jodhpur High Court Protest में भाग लिया।
जयपुर में मुख्य न्यायाधीश से वार्ता की तैयारी
लॉयर्स एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने बताया कि मंगलवार को वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करेगा। वार्ता के बाद ही Jodhpur High Court Protest की आगे की दिशा तय की जाएगी।
अधिनस्थ न्यायालयों में पांच दिवसीय कार्यदिवस की मांग
3 जनवरी की बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने यह मांग भी उठाई कि राजस्थान के अधिनस्थ न्यायालयों को सप्ताह में पांच दिन कार्यदिवस के रूप में संचालित किया जाए। उनका कहना है कि रेवेन्यू कोर्ट, एडीएम, एसडीएम और अन्य अधिकरण पहले से ही पांच दिन ही कार्यरत रहते हैं, इसलिए न्यायालयों में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
आगे की रणनीति पर सस्पेंस
मंगलवार को वकील अदालतों में कार्य करेंगे या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है। वकील संगठनों ने सभी सदस्यों से संगठित रूप से आंदोलन में शामिल रहने और जयपुर वार्ता के नतीजों का इंतजार करने की अपील की है। Jodhpur High Court Protest के अगले चरण को लेकर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं।
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