अमेरिका गाजा पट्टी के भविष्य को लेकर एक बड़े और विवादित प्लान पर काम कर रहा है। द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना के खुफिया दस्तावेज और कई अधिकारियों के बयानों से पता चलता है कि गाजा को दो हिस्सों—ग्रीन जोन और रेड जोन—में बांटने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस प्लान के तहत गाजा का पूर्वी हिस्सा पुनर्निर्माण योग्य ग्रीन जोन बनेगा, जबकि पश्चिमी हिस्सा, जो जंग से तबाह हो चुका है, रेड जोन कहलाएगा।
ग्रीन जोन: इजरायली और अंतरराष्ट्रीय फोर्सेस का नियंत्रण
प्लान के मुताबिक गाजा पट्टी के पूर्वी हिस्से को ग्रीन जोन घोषित किया जाएगा। इस क्षेत्र में:
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इजरायली सेना के साथ विदेशी सैनिक तैनात होंगे
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अमेरिका इस व्यवस्था को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मंजूरी दिलाना चाहता है
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शुरुआती चरण में कुछ सौ विदेशी सैनिक भेजे जाएंगे
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आगे इन्हें बढ़ाकर 20,000 सैनिक तक किया जा सकता है
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इसी क्षेत्र में पुनर्निर्माण और री-डेवलपमेंट का काम होगा
महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी विदेशी सेना को ग्रीन जोन से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

रेड जोन: खंडहर में तब्दील पश्चिमी गाजा
इजराइल द्वारा बनाई गई येलो लाइन के पश्चिम का हिस्सा रेड जोन होगा। इस हिस्से में:
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किसी भी तरह का निर्माण या पुनर्विकास नहीं किया जाएगा
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2 साल की जंग में सबसे ज्यादा तबाही यहीं हुई है
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लगभग 20 लाख फिलिस्तीनी इसी क्षेत्र में फंसे हुए हैं
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उन्हें खंडहरों के बीच ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि गाजा का इस तरह विभाजन फिलिस्तीनियों के भविष्य और आत्मनिर्णय के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
ट्रम्प का सीजफायर साइन और अब उठते सवाल
13 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिस्र के शहर शर्म अल शेख में गाजा शांति समझौते पर दस्तखत किए थे। इस दौरान 20 से अधिक देशों के नेता मौजूद थे, हालांकि इजराइल और हमास दोनों को इसमें शामिल नहीं किया गया था। समझौते में कहा गया था कि गाजा में शांति स्थापित होगी, सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे और गाजा को एकजुट कर फिलिस्तीनी शासन बहाल किया जाएगा। लेकिन अब जो ‘ग्रीन-रेड जोन मॉडल’ उभर रहा है, वह इन वादों के विपरीत दिखाई देता है।

ट्रम्प का 20-पॉइंट शांति प्लान
ट्रम्प ने अपने शांति प्रस्ताव में कुल 20 बिंदु शामिल किए थे, जिनमें प्रमुख थे:
1. युद्ध तुरंत रोकने का प्रस्ताव
इजराइल और हमास की सहमति मिलने पर युद्ध तत्काल समाप्त करने की बात शामिल थी।
2. इजराइल की सेना का चरणबद्ध हटना
स्थिति सामान्य होने पर इजराइली सैनिक धीरे-धीरे गाजा से निकलते।
3. 72 घंटे में सभी बंधकों की रिहाई
हमास को सभी इजराइली बंधकों को जीवित या मृत—दोनों अवस्थाओं में—रिहा करना था।
4. 250 उम्रकैद और 1700 अन्य कैदियों की रिहाई
इजराइल को भी बदले में कैदियों को रिहा करना था।
5. गाजा को आतंक-मुक्त बनाना
हमास के सभी ठिकाने और हथियार हटाए जाने थे।
6. शासन के लिए अंतरिम तकनीकी समिति
एक तटस्थ प्रशासनिक समिति बनाई जानी थी।
7. अंतरराष्ट्रीय शांति बोर्ड
इस बोर्ड के चेयरमैन खुद ट्रम्प होते, जबकि टोनी ब्लेयर और अन्य वैश्विक नेता इसका हिस्सा होते।
8. गाजा के पुनर्निर्माण का रोडमैप
अंतरराष्ट्रीय फंडिंग से शहर को फिर से बसाया जाता।
9. सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सेना
गाजा में सुरक्षा बनाए रखने के लिए मल्टीनेशनल फोर्स तैनात होती।
10. इजराइल-फिलिस्तीन शांति वार्ता की शुरुआत
भविष्य में स्थायी शांति समाधान निकालने के लिए वार्ता शुरू की जाती।
हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि वर्तमान में लागू किया जा रहा दो-ज़ोन मॉडल इस मूल प्लान से काफी अलग दिशा में जा रहा है।
गाजा के विभाजन पर बढ़ती आलोचना
कई विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने गाजा को ग्रीन और रेड जोन में बांटने के विचार की आलोचना की है। उनके अनुसार:
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यह फिलिस्तीनियों को स्थायी रूप से खंडहरों में सीमित करने जैसा है
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पुनर्निर्माण केवल इजराइल के नियंत्रण वाले इलाके में होगा
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यह गाजा के स्थायी विभाजन की दिशा में पहला कदम हो सकता है
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फिलिस्तीनी शासन की बहाली लगभग असंभव हो जाएगी
गाजा की राजनीतिक स्थिति और मानवीय संकट को देखते हुए यह प्लान काफी विवादित बन चुका है।





