अलवर, संवाददाता: मुकेश कुमार शर्मा
अलवर शहर में शुक्रवार को उस वक्त बड़ा हंगामा हो गया, जब विजय मंदिर थाने में तैनात कांस्टेबल जयकिशन अपनी दूसरी शादी रचाने सिगनेट होटल पहुंच गया। विवाह की पूरी तैयारियाँ चल रही थीं, मेहमान आ चुके थे, और दुल्हन अंकिता का मंडप भी सज चुका था—लेकिन इससे पहले ही जयकिशन की पहली पत्नी पहुंच गई और पूरा आयोजन ठप हो गया।पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वर्ष 2021 से वह पति से अलग रह रही है, लेकिन अब तक किसी तरह का तलाक नहीं हुआ। इसके बावजूद जयकिशन दूसरी शादी रचा रहा था और उसे तथा उसके परिवार को धोखा दे रहा था।पहली पत्नी का आरोप था कि—“बिना तलाक दूसरी शादी करना अपराध है। मुझसे बिना बताए सब कुछ छिपाकर दूसरी शादी की जा रही थी।”हंगामा बढ़ते देख होटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में अरावली विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को काबू में लिया।
दुल्हन पक्ष भी रह गया हैरान
दुल्हन पक्ष का दावा है कि उन्हें यह जानकारी ही नहीं थी कि जयकिशन पहले से शादीशुदा है और कानूनी रूप से तलाकशुदा भी नहीं है। दुल्हन के भाई भूपेंद्र ने कहा कि—“हमसे जानकारी छिपाई गई। हम धोखे का शिकार हुए हैं।”
विवाह समारोह की तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं—
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मेहमान पहुंच चुके थे
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वरमाला पड़ी हुई थी
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खाना बन चुका था
लेकिन हंगामे के बाद सब कुछ बीच में ही रुक गया।
IPC धारा 494 का खतरा मंडराया
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार,भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 494के तहत पहली पत्नी के रहते बिना तलाक दूसरी शादी रचाना दंडनीय अपराध है। इस मामले में जयकिशन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव है।
कांस्टेबल जयकिशन का बचाव—“शादी नहीं हुई, बस मिलने आए थे”
जब मीडिया ने जयकिशन से सवाल किया तो उसने पूरी गलती दुल्हन पक्ष पर डालते हुए कहा—“हमारी कोई शादी नहीं हो रही थी, हम सिर्फ मिलने आए थे। जो वरमाला पड़ी थी और खाना बना था वह किसी और कार्यक्रम के लिए था।”उसने यह भी कहा कि दहेज से जुड़े मामलों में उसके खिलाफ पहले ही झूठा मुकदमा दर्ज है और यह पूरा प्रकरण उसी का हिस्सा है।फिलहाल पुलिस ने विवाह रुकवा दिया है और दोनों पक्षों से बयान लेकर जांच शुरू कर दी है।
घटना से पुलिस विभाग पर उठे सवाल
क्योंकि आरोपी स्वयं पुलिस कांस्टेबल है, ऐसे में विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस विभाग का काम महिलाओं की सुरक्षा करना है, वहीं के कर्मचारी पर यह गंभीर आरोप लगना चिंता का विषय है।
मामले में पुलिस क्या कह रही है?
थाना प्रभारी रामेश्वर लाल ने बताया कि—
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दोनों पक्षों से बयान दर्ज कर लिए गए हैं
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कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है
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विवाह समारोह फिलहाल रोक दिया गया है
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आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्णय के आधार पर होगी
अलवर का यह मामला न सिर्फ एक पारिवारिक विवाद है, बल्कि महिलाओं के अधिकार, कानून और पुलिस की छवि से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है। पहली पत्नी ने न्याय की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है, जबकि दुल्हन पक्ष भी कार्रवाई की मांग कर रहा है।अब आगे अदालत और पुलिस की कार्रवाई इस विवाद का परिणाम तय करेगी।





