कैरेबियन देश जमैका में सदी का सबसे शक्तिशाली तूफान “मेलिसा” बुधवार को तट से टकरा गया। इसकी रफ्तार 185 मील प्रति घंटा यानी करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। अब तक जमैका में 3, हैती में 3 और डोमिनिकन रिपब्लिक में 1 व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इसे सदी का सबसे ताकतवर तूफान बताया है, जिसने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
लाखों लोगों को निकाला गया, राहत शिविरों में दी गई शरण
तूफान की तबाही को देखते हुए जमैका, क्यूबा और डोमिनिकन रिपब्लिक में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाया गया। क्यूबा में करीब 6 लाख और जमैका में 28 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जमैका सरकार ने 881 राहत शिविर बनाए हैं, जहां लोगों को भोजन, पानी और मेडिकल सहायता दी जा रही है।
प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने नागरिकों से घरों के अंदर रहने और किसी भी कीमत पर बाहर न निकलने की अपील की है। उन्होंने कहा, “ऐसा तूफान हमने पहले कभी नहीं देखा। अक्टूबर से लगातार बारिश हो रही है, इसलिए बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है।”

हरिकेन मेलिसा की यह तस्वीर सैटेलाइट से ली गई है। इसमें तूफान के एरिया को देखा जा सकता है।

तूफान जिस समय तट से टकराया तब हवा की रफ्तार 300किमी/प्रति घंटा तक पहुंच गई।
24 घंटे में कैटेगरी-5 तूफान बना मेलिसा
वैज्ञानिकों के मुताबिक, मेलिसा ने शनिवार को 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चलना शुरू किया था। केवल 24 घंटे में यह 225 किमी/घंटा की रफ्तार तक पहुंच गया और फिर कैटेगरी-5 हरिकेन बन गया। यह हरिकेन की सबसे खतरनाक श्रेणी होती है, जिसमें हवाएं 252 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार पकड़ लेती हैं।
कैटेगरी-5 तूफानों से मजबूत कॉन्क्रीट की इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, पेड़ उखड़ जाते हैं और बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने से तटीय इलाकों में बाढ़ और भारी नुकसान होता है।
वैज्ञानिकों ने बताया: गर्म समुद्र से बढ़ी ताकत
क्लाइमेट सेंट्रल की रिपोर्ट के अनुसार, मेलिसा जिस समुद्र के ऊपर से गुजरा वहां का तापमान सामान्य से करीब 1.4°C ज्यादा था। इस अतिरिक्त गर्मी ने तूफान को ऊर्जा दी। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण ऐसे तूफान पहले की तुलना में ज्यादा ताकतवर और लंबे समय तक चल रहे हैं।
MIT के वैज्ञानिक केरी इमैनुएल ने कहा कि मेलिसा बहुत धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है — करीब 5 किमी प्रति घंटा। इसकी वजह से यह किसी एक क्षेत्र पर लंबे समय तक बना रहता है और अधिक तबाही मचाता है।
लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
मेलिसा के कारण जमैका, हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक में भारी बारिश हो रही है। जमैका की राजधानी किंग्सटन और आसपास के कई इलाकों में बाढ़ आ चुकी है। सड़कों पर 3 से 5 फीट तक पानी जमा हो गया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सभी स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद कर दिए हैं।
जमैका की शिक्षा मंत्री डाना मॉरिस डिक्सन ने कहा कि यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा प्राकृतिक संकट हो सकता है। प्रशासन लगातार राहत कार्य में जुटा हुआ है।
पश्चिम अफ्रीका से उठी गर्म हवा से बना तूफान
हरिकेन मेलिसा, 2025 के अटलांटिक तूफान सीजन का पांचवां तूफान है। यह अक्टूबर की शुरुआत में पश्चिम अफ्रीका के तट से उठी गर्म और नम हवा की लहर से बना था, जो धीरे-धीरे अटलांटिक महासागर में आगे बढ़ी और फिर सुपरस्टॉर्म बन गई।
इसका नाम “मेलिसा” विश्व मौसम संगठन (WMO) की नामावली से लिया गया है। इससे पहले 2019 में भी एक कमजोर तूफान को यही नाम दिया गया था। अगर यह तूफान भारी तबाही मचाता है, तो “मेलिसा” नाम को स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा।
अमेरिका और कैरेबियन देशों में अलर्ट
अमेरिकी नेशनल हरिकेन सेंटर (NHC) के अनुसार, मेलिसा इस साल दुनिया का सबसे ताकतवर तूफान बन चुका है। मंगलवार रात तक इसका असर क्यूबा तक पहुंचने लगा था, जबकि बुधवार को बहामास और टर्क्स एंड केकोस द्वीपों में तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक में सैकड़ों घरों में पानी भर गया है। सैंटो डोमिंगो में एक 79 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई और एक 13 वर्षीय बच्चा लापता बताया जा रहा है।