कोटा | संवाददाता: तेजपाल सिंह बग्गा
कोटा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार दोपहर 1 बजे से स्टेशन परिसर में ड्रोन और वीडियो सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यह सर्वेक्षण भारत सरकार के उपक्रम राइट्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्टेशन के भीतर यात्रियों के आगमन और निर्गमन के पैटर्न, पैदल यात्री गतिशीलता, पार्किंग सिस्टम और यातायात संचलन का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करना है।
स्टेशन पर बढ़ती भीड़ और यात्री संख्या को नियंत्रित करने के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासतौर पर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, ऐसे में भीड़ प्रबंधन को स्मार्ट और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में यह सर्वे अहम साबित होगा।
निरीक्षण टीम ने स्टेशन के विभिन्न हिस्सों का लिया जायजा
राइट्स लिमिटेड की निरीक्षण टीम ने सोमवार को कोटा स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल के सहायक अभियंता (GSU) संजय दुबे, स्टेशन पर्यवेक्षक (वाणिज्य) विकास गुप्ता और IOW GSU ब्रजेश मौजूद रहे।
टीम ने स्टेशन के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म, फुट-ओवर ब्रिज, वेटिंग हॉल, पार्किंग क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक डेटा एकत्रित किया। इस डेटा के आधार पर सुधार और भीड़ नियंत्रण के लिए आगे के सुझाव तैयार किए जाएंगे।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक कदम
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह सर्वेक्षण यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। स्टेशन पर भीड़-नियंत्रण, संकेतक बोर्ड, दिशा-निर्देश, पार्किंग व्यवस्था और पैदल एवं वाहन यातायात को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक सुधारों की पहचान इसी सर्वे के माध्यम से की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस वैज्ञानिक विश्लेषण से न केवल भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि यात्रियों के लिए आवागमन और यात्रा का अनुभव भी अधिक सुगम और सुरक्षित किया जा सकेगा। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि स्टेशन का ढांचा और यातायात प्रणाली भविष्य की बढ़ती जरूरतों को पूरा कर सके।
आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे
यात्री संख्या में निरंतर वृद्धि को देखते हुए रेलवे जल्द ही स्टेशन परिसर में कई नए सुधार लागू कर सकता है। ड्रोन द्वारा ली गई हाई-रिज़ॉल्यूशन फुटेज और वीडियो सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर—
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बेहतर संकेतक व्यवस्था
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भीड़ नियंत्रण बैरियर्स
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पार्किंग लेआउट में परिवर्तन
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पैदल मार्गों में सुधार
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सुरक्षा तैनाती की नई रणनीतियाँ
जैसे बदलाव किए जा सकते हैं। इस पहल से स्टेशन परिसर को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और यात्री अनुकूल बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।





