कोटा,संवाददाता:तेजपाल सिंह बग्गा
कोटा जिले में शुक्रवार दोपहर एक ऐसी घटना हुई जिसने यह साबित कर दिया कि “जाको राखे साइयां मार सके न कोय” कहावत आज भी सटीक बैठती है।कोटड़ी निवासी एक युवक अचानक सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़ा, लेकिन मौके पर मौजूद एक ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने उसकी जान बचा ली।
कोटड़ी चौराहे पर युवक अचानक हुआ अचेत
शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे कोटड़ी चौराहे पर नरेश मेहरा नाम का व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर गया। वहां मौजूद लोग कुछ पल के लिए घबरा गए और समझ नहीं पाए कि क्या करें। तभी ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल विक्रम महावर ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
कांस्टेबल विक्रम महावर ने दिया सीपीआर
कांस्टेबल विक्रम महावर ने देखा कि युवक की सांसें रुक सी गई थीं और वह अचेत था। ऐसे में उन्होंने त्वरित निर्णय लेते हुए सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू किया।कुछ ही क्षणों में युवक ने प्रतिक्रिया दी और धीरे-धीरे सांसें वापस आने लगीं। मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस कर्मी की सूझबूझ की जमकर प्रशंसा की।
अस्पताल पहुंचाया गया युवक
युवक को होश में आने के बाद कांस्टेबल ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत उसे अस्पताल भेजा। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर सीपीआर मिलने की वजह से युवक की जान बच गई।अगर कुछ मिनट की देरी होती, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।
लोगों ने की पुलिस कांस्टेबल की सराहना
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कांस्टेबल विक्रम महावर की तारीफ करते हुए उन्हें “रियल हीरो” बताया।सोशल मीडिया पर भी यह घटना चर्चा का विषय बन गई, जहां लोग कह रहे हैं कि —“ऐसे पुलिस कर्मी ही वर्दी की असली शान हैं।”यह घटना इस बात का प्रतीक है कि जब पुलिस संवेदना और तत्परता से काम करे, तो वह न सिर्फ कानून की रखवाली करती है बल्कि जनजीवन की भी रक्षक बन जाती है।कोटा के कोटड़ी चौराहे पर हुई यह घटना मानवीयता और ड्यूटी के प्रति समर्पण की मिसाल बन गई है।कांस्टेबल विक्रम महावर ने न केवल एक व्यक्ति की जान बचाई, बल्कि यह भी दिखा दिया कि पुलिस का असली चेहरा संवेदना और सेवा का है।
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