वॉशिंगटन डीसी | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल (2021–2025) में जारी किए गए 92% एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स को रद्द कर दिया है। यह फैसला उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर साझा किया। ट्रम्प का आरोप है कि बाइडेन ने इनमें से अधिकांश आदेश पर स्वयं हस्ताक्षर नहीं किए थे, बल्कि ऑटोपेन मशीन का उपयोग किया गया था। उनके अनुसार, बिना व्यक्तिगत मंजूरी के किए गए ये हस्ताक्षर ‘अवैध’ हैं और ऐसे आदेश मान्य नहीं माने जा सकते।

ऑटोपेन पर ट्रम्प का दावा: “बाइडेन ने इन आदेशों को मंजूरी ही नहीं दी”
ट्रम्प ने बाइडेन को तंज कसते हुए ‘स्लीपी जो’ और ‘क्रुक्ड जो’ कहकर आरोप लगाया कि यदि बाइडेन यह दावा करते हैं कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इन आदेशों को मंजूरी दी थी, तो यह ‘परजरी’ यानी झूठी गवाही होगी। ऑटोपेन एक ऐसी मशीन है जो किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर की हूबहू नकल कर सकती है। कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने वर्षों से इसका उपयोग किया है। इसके बावजूद, ट्रम्प इसे अवैध बताते हैं, जबकि अमेरिकी कानून इसे मंजूरी के साथ वैध मानता है।
बाइडेन की महत्वपूर्ण नीतियों पर खतरा—स्वास्थ्य से लेकर AI तक असर
बाइडेन के कुल 162 एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में से कई अभी तक लागू थे। ट्रम्प के इस कदम के बाद तीन प्रमुख नीतियां प्रभावित हो सकती हैं—
1. एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14087: दवाओं की कीमतें कम करने का आदेश
यह आदेश दवा कंपनियों पर नियंत्रण बढ़ाकर प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमत आम नागरिकों के लिए कम करने की दिशा में था।
2. एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14096: पर्यावरणीय न्याय
यह गरीब और अल्पसंख्यक समुदायों को पर्यावरणीय प्रदूषण के नुकसानों से बचाने का प्रयास करता था।
3. एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14110: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर नियंत्रण
इसमें AI तकनीक से उत्पन्न जोखिमों को कम करने, सुरक्षा बढ़ाने और नैतिक उपयोग सुनिश्चित करने के नियम शामिल थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रम्प के दावों को साबित करना आसान नहीं है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि आदेशों पर ‘वास्तविक मंजूरी’ की पुष्टि कौन करेगा।

क्या कोई राष्ट्रपति दूसरे राष्ट्रपति के आदेश रद्द कर सकता है?
अमेरिकी कानून स्पष्ट करता है कि कोई भी राष्ट्रपति अपने पूर्ववर्ती के कार्यकारी आदेशों को रद्द, संशोधित या अमान्य कर सकता है। इसलिए ट्रम्प का कदम कानूनी रूप से संभव है। हालाँकि, कुछ क्षेत्र—जैसे क्षमादान, माफी या सजा में राहत—ऐसे होते हैं जिन्हें एक बार जारी किए जाने के बाद बदला नहीं जा सकता। कानूनी दृष्टि से, ऑटोपेन का उपयोग पूरी तरह मान्य है, बशर्ते राष्ट्रपति उसकी मंजूरी दें। 2005 में जस्टिस डिपार्टमेंट ने भी इसे वैध ठहराया था।
परजरी का खतरा: ट्रम्प की बाइडेन को खुली चेतावनी
ट्रम्प ने कहा कि यदि बाइडेन इन आदेशों की मंजूरी का दावा करते हैं, तो वे शपथ लेकर झूठ बोलने के आरोप में फंसेंगे। परजरी अमेरिकी कानून में गंभीर अपराध है, जिसकी सजा 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माने के रूप में दी जा सकती है। 1998 में बिल क्लिंटन पर भी इसी तरह के आरोप लगे थे, जब उन्होंने मोनिका लेविंस्की मामले में शपथ के तहत झूठ बोला था।
ऑटोपेन का इतिहास: कई राष्ट्रपति कर चुके हैं उपयोग
ऑटोपेन का इस्तेमाल 1800 के दशक से होता आ रहा है। थॉमस जेफरसन से लेकर रोनाल्ड रीगन, जॉर्ज बुश, बराक ओबामा और बिल क्लिंटन तक कई राष्ट्रपति इसका उपयोग करते रहे हैं। ट्रम्प स्वयं भी कई बार ऑटोपेन का उपयोग कर चुके हैं।
लेकिन उनका कहना है कि उनकी मंजूरी के बिना मशीन का उपयोग नहीं होता—और यही बिंदु वे बाइडेन के खिलाफ उठाते हैं।






