नई दिल्ली: SIR के खिलाफ विपक्ष का लगातार दूसरे दिन संसद में प्रदर्शन जारी रहा। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सांसद वेल तक पहुंच गए और ‘वोट चोर- गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल को जारी रखा, लेकिन विपक्ष लगातार 20 मिनट तक हंगामा करता रहा। इसके बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विपक्ष अन्याय के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगा।
राज्यसभा में भी SIR के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, विपक्ष से अपील की कि वह इस पर कोई समय सीमा न थोपें। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस विषय पर अपना रुख बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में रखेगी।

वंदे मातरम् पर 10 घंटे चर्चा संभव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर सरकार सदन में इस विषय पर 10 घंटे की चर्चा कर सकती है। यह बहस गुरुवार-शुक्रवार को होने की संभावना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा ले सकते हैं। 30 सितंबर को राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने इस चर्चा का प्रस्ताव रखा था। फिलहाल सरकार की तरफ से ऑफिशियल बयान नहीं आया है।
संसद में नई बिलों की तैयारी
संसद के शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश किए जाएंगे। इनमें सबसे अहम एटॉमिक एनर्जी बिल है, जिसके तहत पहली बार निजी कंपनियों को न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति मिलेगी। वर्तमान में भारत में परमाणु संयंत्र केवल NPCIL जैसी सरकारी कंपनियों के नियंत्रण में हैं।
दूसरा बड़ा बिल हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल है। इसके तहत UGC, AICTE और NCTE जैसे संस्थानों को खत्म कर एक राष्ट्रीय कमीशन बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
इसके अलावा, नेशनल हाईवे (संशोधन) बिल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाएगा। कॉर्पोरेट लॉ और LLP कानून संशोधन बिल ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को सरल करेगा। सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल 2025 के जरिए सेबी एक्ट, डिपॉजिटरीज एक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट को एकीकृत किया जाएगा। संविधान संशोधन बिल में खासकर चंडीगढ़ को आर्टिकल 240 के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। ऑर्बिट्रेशन एंड कॉन्सीलिएशन (अमेंडमेंट) बिल 2025 कंपनियों और व्यक्तियों के बीच विवादों का निपटारा तेज करेगा।
प्रमुख विवाद और प्रतिक्रियाएँ
विपक्षी सांसद रेणुका चौधरी ने लोकसभा में ‘संचार साथी’ एप को लेकर स्थगन प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह एप लोगों की गोपनीयता पर हमला है और इसके लिए संसदीय निगरानी की आवश्यकता है।

BJP सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि विपक्ष बिहार चुनाव में BJP की बड़ी जीत से निराश है। उन्होंने कहा कि SIR पर चर्चा होगी, लेकिन प्रश्नकाल के दौरान हंगामा करना गलत है। DMK सांसद तिरुचि शिवा ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत स्थगन का नोटिस दिया और चुनावी सुधारों पर तत्काल चर्चा की मांग की।






