बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों का असर सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसका खतरनाक परिणाम 1000 किमी दूर मध्य प्रदेश के गुना जिले में दिखाई दिया जहां जदयू समर्थक दो मामाओं ने अपने ही भांजे की राजनीतिक बहस के चलते हत्या कर दी। मृतक की पहचान बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले 22 वर्षीय शंकर मांझी के रूप में हुई है जो अपने दोनों मामाओं के साथ मजदूरी का काम करने गुना में रह रहा था। राजनीतिक झगड़े में शुरू हुई गर्मागर्म बहस देखते-देखते जानलेवा रूप ले ली और मामाओं ने भांजे को कीचड़ भरे पानी में तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
बिहार चुनाव में राजद की हार पर बढ़ा तनाव, विवाद ने लिया खतरनाक मोड़
राजद और महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा जहां महज 35 सीटें मिलीं और राजद सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई जबकि एनडीए ने प्रचंड 202 सीटों के साथ सत्ता में वापसी की। इसी राजनीतिक माहौल और बढ़ते तनाव के बीच शंकर मांझी और उसके मामा राजेश मांझी तथा तूफानी मांझी के बीच विवाद शुरू हुआ। बताया गया कि तीनों शराब पी रहे थे और बिहार चुनाव का जिक्र होने पर दो जदयू समर्थक मामाओं ने तेजस्वी यादव पर टिप्पणी कर दी जिसे सुनकर राजद समर्थक शंकर भड़क गया और गाली-गलौज शुरू हो गई।
नशे में धुत मामाओं ने की मारपीट, फिर कीचड़ में डुबोकर कर दी हत्या
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मामाओं और भांजे के बीच विवाद तेजी से बढ़ा और मामाओं ने पहले शंकर की पिटाई की। लेकिन नशे में अंधे गुस्से में उनका मन शांत नहीं हुआ और दोनों मामा शंकर को घसीटकर एक कीचड़ भरे गड्ढे तक ले गए। वहां उन्होंने शंकर का चेहरा पानी और कीचड़ में दबा दिया और उसे तब तक दबाए रखा जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शंकर की मौत मुंह और फेफड़ों में कीचड़ भर जाने से दम घुटने के कारण हुई।
वारदात के बाद फरार हुए दोनों आरोपी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मामा शंकर को वहीं छोड़कर फरार हो गए लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया। केंट थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने शंकर को मृत घोषित कर दिया। मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हत्या पूर्वनियोजित थी या नशे में लिया गया हिंसक फैसला।
चुनावी बहस से शुरू हुआ विवाद कैसे पहुंचा हत्या तक?
जांचकर्ताओं के अनुसार तीनों अक्सर चुनावी और राजनीतिक चर्चा करते थे लेकिन चुनाव नतीजों के बाद माहौल पहले से अधिक संवेदनशील था। मामाओं द्वारा तेजस्वी यादव पर की गई टिप्पणी से शंकर नाराज हुआ और उसने भी उल्टे जवाब में अपशब्द बोले। नशे की हालत और राजनीतिक गुस्से ने विवाद को इतना बढ़ा दिया कि मामाओं में हत्या जैसी क्रूरता आ गई। पुलिस के मुताबिक यह मामला दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेद कितनी तेजी से हिंसा का रूप ले सकते हैं।
परिवार में शोक और बिहार में मामले को लेकर बढ़ी चर्चा
शंकर मांझी की मौत की खबर उसके परिवार तक पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। बिहार के शिवहर में लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि चुनावी बहस एक युवा मजदूर की जान ले लेगी। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से फैल रहा है और लोग राजनीतिक मूर्खता को जिम्मेदार बता रहे हैं। बिहार और मध्य प्रदेश दोनों जगह इस घटना ने राजनीतिक हिंसा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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