बिहार चुनावी रण में अब वार-पलटवार का दौर तेज़ हो चुका है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि
“बिहार की सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है। पीएम मोदी बटन दबाते हैं और नीतीश कुमार बोलने लगते हैं।”
यह बयान राहुल ने भागलपुर की जनसभा में दिया, जहां उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की जनता अब समझ चुकी है कि कौन अपने दम पर खड़ा है और कौन ‘रिमोट से संचालित’ हो रहा है।
‘बिहार बदलने का दावा झूठा’ — राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और जदयू बार-बार बिहार के विकास की बात करते हैं, लेकिन हकीकत में राज्य आज भी बेरोजगारी, महंगाई और पलायन से जूझ रहा है।
उनका कहना था कि “मोदी और नीतीश ने बिहार को बदलने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने सिर्फ़ अपने रिश्ते बदलने का खेल खेला है।”
राहुल ने कहा कि “बिहार में आज भी किसान परेशान हैं, नौजवान नौकरी के लिए दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर हैं, और सरकार झूठे आंकड़ों से जनता को बहला रही है।”
‘महागठबंधन लाएगा असली बदलाव’ — कांग्रेस नेता का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि इस बार बिहार के लोग बदलाव के लिए तैयार हैं।
उनका कहना था —“हमने बिहार के युवाओं से वादा किया है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार हमारी प्राथमिकता होगी। हम ‘घोषणापत्र नहीं, गारंटी पत्र’ लेकर आए हैं।”
उन्होंने कहा कि महागठबंधन का “तेजस्वी प्रण” केवल कागज़ी वादा नहीं है, बल्कि बिहार के हर परिवार के सम्मान और हक़ की आवाज़ है।
नीतीश कुमार पर तंज — ‘कभी इधर, कभी उधर’
राहुल गांधी ने नीतीश कुमार की राजनीतिक अदलाबदली पर भी चुटकी ली।
उन्होंने कहा —
“नीतीश जी का हाल अब मौसम विभाग जैसा हो गया है — कब किस दिशा में चले जाएं, कोई नहीं जानता।”
सभा में मौजूद लोगों की तालियों के बीच राहुल ने कहा कि ‘नीतीश जी के पास अब न विचार बचे हैं, न दिशा। बस मोदी जी का रिमोट और सत्ता की डोर ही बाकी है।’
PM मोदी और भाजपा ने किया पलटवार
राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने उन्हें आड़े हाथों लिया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा —
“राहुल गांधी हर चुनाव में वही पुराना टेप चलाते हैं। जनता समझ चुकी है कि बिहार में काम करने वाला कौन है और बोलने वाला कौन।”
वहीं, जदयू के नेताओं ने कहा कि ‘नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना राहुल गांधी की हताशा दर्शाता है।’
बिहार की सियासत में गर्मी, वोटरों की नजर अब बहस के मुद्दों पर
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बिहार की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है।
राहुल गांधी का यह ‘रिमोट कंट्रोल’ वाला बयान अब चर्चा का नया केंद्र बन गया है।
कांग्रेस इसे जनता के असली मुद्दों से जोड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा इसे ‘ड्रामा और पॉलिटिकल थिएटर’ बता रही है।
बिहार के मतदाताओं की नज़र अब इस बात पर है कि कौन सिर्फ़ बोलेगा — और कौन सच में बदलाव लाएगा।
बिहार की सियासत में राहुल गांधी का यह बयान महज़ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि सत्ता के समीकरणों पर सीधा प्रहार है।
अब देखना यह है कि “रिमोट कंट्रोल” की यह बहस जनता के मन को कितना झकझोरती है —
क्योंकि बिहार में चुनाव सिर्फ़ नेताओं की कुर्सी का नहीं, जनता के भरोसे का इम्तिहान भी है।





