कोटा, संवाददाता : तेजपाल सिंह बग्गा
कोटा शहर में सोमवार सुबह अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जिला कलेक्टर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक मेल प्राप्त हुआ। यह मेल करीब सुबह 10:30 बजे आया, जिसमें स्पष्ट रूप से कलेक्टर कार्यालय को निशाना बनाने की बात कही गई थी। जैसे ही सूचना जिला प्रशासन तक पहुँची, पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में दहशत फैल गई और सुरक्षा एजेंसियाँ तत्परता से सक्रिय हो गईं। “कोटा कलेक्टर कार्यालय बम धमकी” जैसी गंभीर सूचना ने प्रशासन को उच्च अलर्ट मोड पर ला दिया, क्योंकि यह न केवल प्रशासनिक केंद्र है बल्कि रोज़ाना बड़ी संख्या में नागरिकों की आवाजाही भी यहां होती है।
मेल पर धमकी मिलते ही हड़कंप
धमकी वाला मेल सामने आते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में खलबली मच गई। कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारियों से लेकर आम लोगों तक, सभी में चिंता का माहौल बन गया। तुरंत ही उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया और कोटा शहर की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों की भी निगरानी बढ़ा दी गई।
पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई
“कोटा कलेक्टर कार्यालय बम धमकी” की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार जैन, पुलिस उपाधीक्षक लोकेंद्र पालीवाल, और थाना नयापुरा प्रभारी विनोद कुमार मौके पर तुरंत पहुंचे। अग्निशमन विभाग की टीमों को भी बुलाया गया ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर और बाहर सुरक्षा घेरा बना दिया गया, तथा आने-जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया।पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हर कमरे, हर कोने और यहां तक कि पार्किंग क्षेत्र की भी बारीकी से जांच की गई।
डॉग स्क्वायड ने संभाला मोर्चा
ऐसी स्थितियों में प्रशिक्षण प्राप्त डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए प्रशासन ने तुरंत डॉग स्क्वायड टीम को मौके पर बुलाया। डॉग स्क्वायड ने कलेक्ट्रेट भवन के हर हिस्से की गहन जांच शुरू की। बम निरोधक दस्ते ने भी आधुनिक उपकरणों की मदद से परिसर को पूरी तरह स्कैन किया। लगभग पूरे परिसर की कई बार जांच की गई ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु को नजरअंदाज न किया जाए। हालांकि शुरुआती जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया गया है।
जिला प्रशासन और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया
“कोटा कलेक्टर कार्यालय बम धमकी” के मामले को लेकर अधिकारियों ने कहा कि धमकी बेहद गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है और साइबर सेल को जांच सौंपी गई है। प्रशासन ने कहा है कि इस तरह की धमकियाँ लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ साजिश हैं, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है
साइबर टीम ईमेल के IP एड्रेस, लॉगिन इतिहास और संभावित लोकेशन की तलाश कर रही है। यदि मेल भारत के बाहर से भेजा गया है तो इंटरनेशनल साइबर एजेंसियों से भी सहयोग लिया जा सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि धमकी किसी व्यक्तिगत विवाद, प्रशासनिक निर्णय, या फिर किसी संगठन की रणनीति का परिणाम तो नहीं। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि कहीं यह शरारती तत्वों की ओर से फैलाया गया दहशत अभियान तो नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
“कोटा कलेक्टर कार्यालय बम धमकी” की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक भवनों को मिली इस तरह की धमकियाँ शासन-प्रशासन की सुरक्षा प्रणालियों की परीक्षा लेती हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने तेज़ गति से कार्रवाई कर स्थिति संभाल ली, लेकिन यह घटना चेतावनी है कि सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
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