सवाई माधोपुर, संवाददाता: बृजेश त्रिवेदी
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बड़ा और सख्त निर्णय लिया गया है। अब टाइगर सफारी के दौरान पर्यटक मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। वन विभाग ने यह फैसला वन्यजीवों की सुरक्षा, शांत वातावरण बनाए रखने और सुप्रीम कोर्ट व एनटीसीए के दिशा-निर्देशों की पालना को ध्यान में रखते हुए लिया है।
बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
वन विभाग द्वारा आयोजित एक अहम बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में अधिकारियों ने माना कि सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग से न केवल वन्यजीवों को परेशानी होती है, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। जल्द ही इस निर्णय को लेकर औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा और उसके बाद इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
नई व्यवस्था क्या होगी
नई व्यवस्था के अनुसार, सफारी शुरू होने से पहले सभी पर्यटकों को अपने मोबाइल फोन जमा कराने होंगे। यह नियम प्रत्येक जिप्सी और कैन्टर सफारी पर समान रूप से लागू होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सफारी के दौरान कोई भी पर्यटक मोबाइल का उपयोग न कर सके।
मोबाइल फोन जमा कराने की प्रक्रिया
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन सफारी गाइड के पास जमा कराए जाएंगे। गाइड सभी पर्यटकों के मोबाइल फोन एक निर्धारित सुरक्षित बॉक्स में रखवाएंगे, सफारी पूरी होने के बाद मोबाइल फोन वापस किए जाएंगे, किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए गाइड और वाहन चालक भी जिम्मेदार माने जाएंगे,
प्रतिबंध लगाने के पीछे कारण
अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन से निकलने वाली रिंगटोन, कैमरा फ्लैश, वीडियो रिकॉर्डिंग, कॉल पर बातचीत, इन सभी गतिविधियों से टाइगर और अन्य वन्यजीवों का व्यवहार प्रभावित होता है। कई बार जानवर आक्रामक हो जाते हैं या सफारी ट्रैक से दूर चले जाते हैं।
सुप्रीम कोर्ट और NTCA के निर्देश
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। इन संस्थाओं ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टाइगर रिजर्व में शांति बनी रहे, किसी भी प्रकार की गतिविधि से वन्यजीवों को तनाव न हो, पर्यटकों का व्यवहार नियंत्रित हो
नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी
वन विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि नियम तोड़ने वाले पर्यटकों पर जुर्माना लगाया जाएगा, गाइड और वाहन चालक के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, गंभीर मामलों में सफारी से प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है, अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रणथंभौर में पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण
रणथंभौर टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है। हर साल हजारों पर्यटक यहां टाइगर देखने आते हैं।वन विभाग का मानना है कि पर्यटन और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, और मोबाइल प्रतिबंध इसी दिशा में एक अहम कदम है।
अन्य टाइगर रिजर्व के लिए मिसाल
अधिकारियों का कहना है कि रणथंभौर में यह व्यवस्था सफल रहने पर इसे अन्य टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्यों, में भी लागू किया जा सकता है। यह फैसला देशभर में वन्यजीव संरक्षण की मिसाल बनेगा।
वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोपरि
टाइगर सफारी मोबाइल प्रतिबंध का यह निर्णय यह स्पष्ट करता है कि अब वन विभाग संरक्षण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा। वन्यजीवों की शांति, पर्यटकों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संरक्षण मानकों की पालना, इन सभी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
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