बनासकांठा, संवाददाता: सुरेश रावल
बनासकांठा जिले में लंबे समय से मंदिरों में हो रही चोरियों को लेकर श्रद्धालुओं में आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। इसी क्रम में मंदिर चोरी का खुलासा पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। कई मामलों के अनडिटेक्टेड रहने के कारण पुलिस प्रशासन पर भी दबाव बढ़ रहा था।
कच्छ रेंज आईजी और एसपी के निर्देश
मंदिर चोरी का खुलासा करने के लिए कच्छ रेंज के आईजी चिराग कोर्डिया और बनासकांठा जिला पुलिस अधीक्षक प्रशांत सुबे द्वारा विशेष निर्देश जारी किए गए। आदेशों में स्पष्ट कहा गया कि मंदिरों में हुई चोरियों की गुत्थी जल्द से जल्द सुलझाई जाए। साथ ही पुराने अनसुलझे मामलों का भी खुलासा करने के निर्देश दिए गए।
बनासकांठा एलसीबी की सक्रिय पेट्रोलिंग
मंदिर चोरी का खुलासा करने की दिशा में बनासकांठा एलसीबी ने सक्रिय भूमिका निभाई। एलसीबी के पी.आई. ए.वी. देसाई के मार्गदर्शन में पुलिस स्टाफ को विशेष पेट्रोलिंग के लिए तैनात किया गया। यह पेट्रोलिंग डीसा़ तालुका पुलिस थाना क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में की जा रही थी।
जूनाडीस इलाके में संदिग्धों की धरपकड़
मंदिर चोरी का खुलासा उस समय हुआ जब एलसीबी की टीम जूनाडीस इलाके में पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर तीन व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की गई। प्रारंभिक तौर पर तीनों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
कड़ी पूछताछ में तीनों संदिग्धों ने अपनी पहचान बताई। आरोपियों के नाम भावेशभाई पीराजी ठाकोर, भरतसिंह चंपूसिंह राठोड़ और लक्ष्मणसिंह अजमलजी राठोड़ बताए गए। तीनों आरोपी मूल रूप से मुडetha के निवासी हैं, जिनमें से एक वर्तमान में लोरवाड़ा में रह रहा था।
पूछताछ में चोरी की वारदातों का खुलासा
मंदिर चोरी का खुलासा उस समय और स्पष्ट हुआ जब युक्ति-प्रयुक्ति से की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। आरोपियों ने कबूल किया कि वे विभिन्न मंदिरों की दान पेटियां तोड़कर नकद चोरी करते थे। यह स्वीकारोक्ति पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अन्य साथियों के नाम आए सामने
मंदिर चोरी का खुलासा करते हुए आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के नाम भी बताए। इनमें किरणसिंह पीराजी ठाकोर, गेमरसिंह भमरसीह वाधेला और नारनसिंह पोपटजी वाधेला शामिल हैं। सभी आरोपी लोरवाड़ा, तहसील डीसा़ के निवासी बताए गए हैं। पुलिस अब इन फरार साथियों की तलाश में जुट गई है।
नकद राशि और औजारों की बरामदगी
मंदिर चोरी का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी का माल भी बरामद किया। आरोपियों के कब्जे से ₹30,000 नकद राशि, दो मोबाइल फोन और दान पेटी तोड़ने में प्रयुक्त लोहे की सड़िया जब्त की गई। कुल मिलाकर लगभग ₹40,000 का मुद्देमाल पुलिस द्वारा बरामद किया गया है।
डीसा़ रूरल थाने में दर्ज हुआ मामला
मंदिर चोरी का खुलासा होने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ डीसा़ रूरल पुलिस थाना में कानूनन कार्रवाई की गई। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही अन्य मंदिर चोरी की घटनाओं से आरोपियों के संबंधों की भी जांच की जा रही है।
बनासकांठा में हुआ यह मंदिर चोरी का खुलासा पुलिस की सक्रियता और सतर्कता का परिणाम है। इस कार्रवाई से न केवल चोरी के मामलों का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि श्रद्धालुओं में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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