बांग्लादेश। बांग्लादेश में हाल के महीनों में Bangladesh Anti India Narrative को लगातार हवा देने की कोशिश की गई है। भारत-विरोधी दुष्प्रचार को सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक बयानों के ज़रिये फैलाया गया, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया। भारत का मानना है कि इस तरह का नैरेटिव सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को भी बढ़ावा देता है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया क्यों अहम है
भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि बांग्लादेश में भारत-विरोधी नैरेटिवपूरी तरह झूठा और भ्रामक है। भारत ने इसे तथ्यों से परे बताया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपना पक्ष मजबूती से रखा। भारत-बांग्लादेश संबंध दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए अहम हैं। ऐसे में Bangladesh Anti India Narrative को अनदेखा करना भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकता था।
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ “निरंतर शत्रुता” देखी जा रही है, जो गहरी चिंता का विषय है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह बांग्लादेश में भारत-विरोधी नैरेटिव और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा
भारत के अनुसार, Bangladesh Anti India Narrative के माहौल में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। भारत ने बांग्लादेश सरकार से अपील की कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
हिंदू युवक की हत्या पर भारत का रुख
मयमनसिंह में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या पर भारत ने कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसी घटनाएं बांग्लादेश में भारत-विरोधी नैरेटिव को और भड़काती हैं। भारत ने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश प्रशासन दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में लाएगा।
यूनुस सरकार को भारत का संदेश
भारत ने यूनुस सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि झूठे Bangladesh Anti India Narrative से सच्चाई नहीं बदलेगी।भारत ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर हमलों को केवल राजनीतिक हिंसा बताकर खारिज नहीं किया जा सकता।
चुनाव और बांग्लादेश की राजनीति
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता तारिक रहमान की वापसी पर भारत ने संतुलित और सावधानी भरा रुख अपनाया।भारत का मानना है कि चुनावी राजनीति में Bangladesh Anti India Narrative का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है।
भारत–बांग्लादेश रिश्तों पर असर
यदि बांग्लादेश में भारत-विरोधी नैरेटिव पर लगाम नहीं लगी, तो इससे द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है।
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