ePaper
kmuht

ऋषिकेश में बना भारत का पहला कांच का सस्पेंशन ब्रिज, लक्ष्मण झूले की जगह लेगा ‘बजरंग सेतु’

ऋषिकेश में बना भारत का पहला कांच का सस्पेंशन ब्रिज — ‘बजरंग सेतु’

उत्तराखंड के पवित्र नगर ऋषिकेश में अब एक और ऐतिहासिक और आधुनिक पहचान जुड़ गई है। यहां गंगा नदी पर बना नया ‘बजरंग सेतु’ न सिर्फ राज्य का बल्कि पूरे भारत का **पहला कांच का सस्पेंशन ब्रिज** है। यह पुल जल्द ही जनता के लिए खोला जाएगा और यह लगभग **100 साल पुराने प्रसिद्ध लक्ष्मण झूले** की जगह लेगा।

 

100 साल पुराने लक्ष्मण झूले की जगह लेगा बजरंग सेतु

लक्ष्मण झूला, जो 1929 में बना था, अब अपनी आयु और संरचनात्मक कमजोरी के कारण आम उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं रहा। पिछले कुछ वर्षों से यह पुल केवल पैदल यात्रियों के लिए सीमित किया गया था। अब उसकी जगह नया और अत्याधुनिक **बजरंग सेतु** बनाया गया है, जो देखने में आकर्षक और तकनीकी रूप से कहीं अधिक मजबूत है।

 

भारत का पहला कांच का सस्पेंशन ब्रिज

‘बजरंग सेतु’ भारत का पहला ऐसा सस्पेंशन ब्रिज है जिसकी फर्श कांच की परतों से बनी है। यह विशेष डिजाइन इस तरह तैयार की गई है कि पैदल यात्री गंगा नदी की गहराई को नीचे से साफ़ देख सकेंगे। ब्रिज की लंबाई लगभग 132 मीटर और चौड़ाई 2 मीटर रखी गई है। पुल के निर्माण में अत्याधुनिक जर्मन तकनीक और हाई-स्ट्रेंथ ग्लास का उपयोग किया गया है।

 

आधुनिक तकनीक और भूकंप-रोधी संरचना

इस पुल को खास तौर पर उत्तराखंड के भूकंप-संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह पुल स्टील के केबल्स और कांच के पैनलों से बना है जो भूकंप या तेज़ हवाओं के दौरान भी सुरक्षित रह सके। पुल की डिज़ाइनिंग और निर्माण कार्य **पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD)** और विशेषज्ञ इंजीनियरों की देखरेख में पूरा हुआ है।

 

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

ऋषिकेश को पहले से ही ‘योग की राजधानी’ कहा जाता है, और अब ‘बजरंग सेतु’ इस धार्मिक नगरी को एक नया पर्यटक आकर्षण देने जा रहा है। यह पुल पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव साबित होगा, जहां वे पारदर्शी कांच पर चलते हुए नीचे बहती गंगा को देख सकेंगे। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्थानीय कारोबारियों, दुकानदारों और होटल उद्योग को भी बड़ा लाभ होगा।

 

बजरंग सेतु की खासियतें

– यह भारत का **पहला ग्लास सस्पेंशन ब्रिज** है। – पुल की लंबाई करीब **132 मीटर** है। – फर्श में **तीन परत वाले मजबूत ग्लास पैनल** का उपयोग हुआ है। – पुल पूरी तरह **पैदल यात्रियों के लिए समर्पित** है। – रात के समय यह पुल **LED लाइट्स से जगमगाता** नजर आएगा। – पर्यावरण और भूकंप सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।

 

लॉन्चिंग के बाद बनेगा नया आकर्षण केंद्र

राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही बजरंग सेतु को औपचारिक रूप से जनता के लिए खोला जाएगा। उद्घाटन के बाद यह पुल ऋषिकेश का नया **‘सेल्फी पॉइंट’** और **पर्यटन प्रतीक** बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल गंगा आरती देखने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी एक नया अनुभव होगा, क्योंकि पारदर्शी पुल पर खड़े होकर वे नीचे बहती गंगा की जलधारा को निहार सकेंगे।

 

‘बजरंग सेतु’ सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि **आधुनिक भारत और परंपरा के संगम का प्रतीक** है। यह ऋषिकेश की ऐतिहासिक पहचान को नई दिशा देगा और आने वाले वर्षों में लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। जैसे लक्ष्मण झूला ऋषिकेश का प्रतीक रहा, वैसे ही आने वाले समय में बजरंग सेतु भी इस पवित्र शहर की पहचान बन जाएगा।

Spread the love

नई दिल्ली | Gadkari Hamas Meeting उस वक्त चर्चा में आई, जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि वे हमास के शीर्ष नेता इस्माइल हानिया से उनकी हत्या से...

Categories

Recent Posts

राज-नीति News

Banner Image
Banner Image
WhatsApp Chat