टोंक, संवाददाता: कमलेश प्रजापत
Agriculture Drone Scheme का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत ड्रोन संचालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे खेती को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सके। यह योजना विशेष रूप से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव को आसान बनाने पर केंद्रित है।
ड्रोन तकनीक से खेती को मिलेगा फायदा
सहायक कृषि निदेशक डॉ. महेश कुमार कुमावत ने जानकारी देते हुए बताया कि Agriculture Drone Scheme के अंतर्गत ड्रोन तकनीक का उपयोग करने से खेती में समय और श्रम दोनों की बचत होगी। ड्रोन के माध्यम से खेतों में समान रूप से उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव संभव होगा, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर उत्पादन मिलेगा। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक अपनाने से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव भी कम होंगे।
प्रशिक्षण अवधि और प्रमाण-पत्र की जानकारी
Agriculture Drone Scheme के तहत ड्रोन प्रशिक्षण 7 दिवसीय या 15 दिवसीय अवधि का होगा। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद प्रतिभागियों को भारत सरकार के DGCA (Directorate General of Civil Aviation) द्वारा मान्यता प्राप्त रिमोट पायलट प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण-पत्र ड्रोन उड़ाने के लिए वैधानिक अनुमति प्रदान करता है, जिससे प्रशिक्षित व्यक्ति व्यावसायिक रूप से ड्रोन संचालन कर सकते हैं।
योजना की पात्रता शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। Agriculture Drone Scheme के अंतर्गत 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के वे व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो। यह योजना किसानों के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए भी रोजगार का नया अवसर प्रदान कर सकती है।
प्रशिक्षण शुल्क और अनुदान विवरण
Agriculture Drone Scheme में प्रशिक्षण शुल्क इस प्रकार निर्धारित किया गया है— 7 दिवसीय प्रशिक्षण: ₹50,000 + ₹9,000 जीएसटी, 15 दिवसीय प्रशिक्षण: ₹65,000 + ₹11,700 जीएसटी इसके अतिरिक्त आवास के लिए ₹200 प्रतिदिन और भोजन के लिए ₹100 प्रतिदिन का शुल्क अलग से देना होगा। कुल प्रशिक्षण शुल्क में से सरकार द्वारा ₹35,000 का अनुदान दिया जाएगा, जो प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वापस किया जाएगा। शेष राशि प्रशिक्षु को स्वयं वहन करनी होगी।
आवेदन प्रक्रिया और प्रशिक्षण संस्थान
Agriculture Drone Scheme के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी राज किसान सारथी पोर्टल या राज किसान सुविधा एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण भारत सरकार से मान्यता प्राप्त DGCA-अनुमोदित रिमोट पायलट प्रशिक्षण संस्थानों में आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
किसानों से अपील और भविष्य की संभावनाएं
डॉ. महेश कुमार कुमावत ने किसानों से अपील की कि वे Agriculture Drone Scheme का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती को लाभकारी बनाएं। उनका कहना है कि यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें
राजनीति की हर हलचल, क्रिकेट और स्पोर्ट्स की हर अपडेट, और देश-दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए eNewsBharat के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ना न भूलें।
Instagram:
Facebook:
YouTube (Subscribe):
X (Twitter):
यहां आपको मिलेंगे लाइव अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, शॉर्ट वीडियो, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, मैच प्रीव्यू और रिव्यू
eNewsBharat के साथ जुड़े रहें
देश-विदेश की बड़ी राजनीतिक घटनाएँ, जीएसटी फ्रॉड से जुड़ी अहम जानकारियाँ, स्पोर्ट्स और जनहित से जुड़ी हर ज़रूरी खबर — पल-पल की सटीक जानकारी के लिए eNewsBharat को लगातार विज़िट करते रहें। आपका भरोसा ही हमारी ताकत है। हम आगे भी आपको सबसे तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाते रहेंगे।
अधिक खबरों के लिए पढ़ें –> eNews-bharat
#AgricultureDroneScheme #DroneFarming #SmartAgriculture #FarmerSubsidy #RajasthanAgriculture #AgriTechIndia #DroneTraining #enewsbharat #enewsrajasthan #news #rajasthan #newsupdate #rajasthannews #enews