जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है।यहां 9 साल की अमायरा (Amayra) नाम की बच्ची ने बिल्डिंग से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।घटना के बाद इलाके में मातम छा गया है और परिवार सदमे में है।मासूम की मौत के बाद परिवार ने स्कूल प्रबंधन और एक शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
यह दर्दनाक घटना जयपुर के वैषाली नगर इलाके की बताई जा रही है।अमायरा सोमवार शाम अपने घर की बिल्डिंग की चौथी मंजिल से नीचे कूद गई।परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त घर पर परिवार के सदस्य मौजूद थे।बच्ची ने अचानक बालकनी की ओर दौड़ लगाई और बिना कुछ कहे छलांग लगा दी।मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार ने लगाए ये गंभीर आरोप
अमायरा के माता-पिता का कहना है कि बच्ची पिछले कुछ दिनों से स्कूल जाने से डर रही थी।परिवार का आरोप है कि स्कूल की एक शिक्षिका उसे लगातार डांटती और अपमानित करती थी, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गई थी।मां ने बताया,अमायरा बहुत खुशमिजाज बच्ची थी। लेकिन हाल के दिनों में वह चुपचाप रहने लगी थी।उसने कई बार कहा कि उसे स्कूल नहीं जाना, क्योंकि ‘मैम बहुत डांटती हैं’। हमने सोचा सामान्य बात होगी, पर अब पछतावा हो रहा है।”
पुलिस ने दर्ज किया मामला
जयपुर पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है।परिवार की शिकायत के आधार पर स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।फिलहाल पुलिस बच्ची के मोबाइल, डायरी और स्कूल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता चल सके।डीसीपी (पश्चिम) ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रशासन ने क्या कहा?
वहीं स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों को गलत बताया है।स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि,अमायरा हमारे स्कूल की होनहार छात्रा थी। शिक्षिका पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।हम भी इस घटना से दुखी हैं और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।”हालांकि, पुलिस ने प्रिंसिपल और टीचिंग स्टाफ से पूछताछ शुरू कर दी है।
समाज में बढ़ती बच्चों की मानसिक परेशानी
यह मामला एक बार फिर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और स्कूल स्ट्रेस पर सवाल खड़ा करता है।विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल प्रेशर, डांट या तुलना जैसी बातें बच्चों के मन पर गहरा असर डालती हैं।ऐसी स्थिति में अभिभावकों और शिक्षकों दोनों को बच्चों के व्यवहार में आए बदलावों को गंभीरता से लेना चाहिए।
परिजनों की अपील
अमायरा के परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि जांच निष्पक्ष हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।परिवार ने कहा कि किसी भी बच्ची को इस तरह के मानसिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और स्कूल की ईमेल रिकॉर्डिंग्स भी खंगाल रही है।
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