ePaper
ebbb6477 2fda 4144 953c 8c6889c62dca

निवाई में बघेरे का आतंक, गांव बस्सी में किसान की बकरी का शिकार

निवाई: गांव बस्सी में बघेरे ने बकरी का शिकार किया, वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई

टोंक जिले के निवाई उपखंड के गांव बस्सी में एक बघेरे (तेंदुए) के हमले से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गांव के किसान बाबूलाल पोषवाल की बकरी पर बघेरे ने हमला कर उसे मार डाला। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद रेंजर  धारीलाल बैरवा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

 

घटना स्थल पर रेंजर पहुंचे, किए मौके का निरीक्षण

सूचना मिलते ही रेंजर धारीलाल बैरवा और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने मौके पर बघेरे के  पदचिह्नों की जांच की और मृत बकरी का पोस्टमार्टम करवाया।

रेंजर बैरवा ने बताया कि पदचिह्नों और पंजों के निशान से स्पष्ट है
कि यह हमला बघेरे द्वारा किया गया है।
बकरी के शव को पोस्टमार्टम के बाद वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर दर्ज कर लिया गया है।

 

बघेरे को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा और GPS कैमरा

वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा और बघेरे की निगरानी के लिए पिंजरा (Trap Cage) लगवाया है। साथ ही बघेरे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए GPS कैमरा ट्रैप भी लगाया गया है।

रेंजर ने बताया कि यह कैमरे रात में भी सक्रिय रहेंगे
और जैसे ही बघेरा कैमरे में कैद होगा, टीम उसे सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई करेगी।
उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और रात में अपने पशुओं को
खुले में न छोड़ने की अपील की है।

 

मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू

रेंजर धारीलाल बैरवा ने बताया कि किसान बाबूलाल पोषवाल  को उनकी बकरी के नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।  वन विभाग के नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में किसान को निर्धारित राशि का आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट तैयार कर विभागीय अधिकारियों को भेज दी गई है
ताकि जल्द से जल्द मुआवजा स्वीकृत हो सके।

 

गांव में फैली दहशत, ग्रामीणों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह

बघेरे की मौजूदगी की खबर फैलते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रात के समय पशुओं की हरकतों में असामान्य बदलाव देखा जा रहा था।

वन विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि
वे रात में अकेले खेतों की ओर न जाएं,
और पशुओं को मजबूत बाड़े में बांधकर रखें।
यदि किसी भी प्रकार की हलचल दिखाई दे,
तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

 

वन विभाग की सतर्कता और निगरानी जारी

टीम ने बताया कि गांव बस्सी और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। टीम लगातार बघेरे की आवाजाही पर नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ट्रैपिंग इक्विपमेंट और कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।

रेंजर बैरवा ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा,

“बघेरा जंगली जीव है, इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें।
हमारा उद्देश्य इसे सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा जाना है।”

 

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से राहत

वन विभाग की टीम की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बघेरे को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे और GPS कैमरा अब विभाग के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

किसान बाबूलाल पोषवाल को जल्द मुआवजा मिलने की उम्मीद है,
और ग्रामीण अब विभाग की अपील के अनुसार
रात में सतर्कता बरत रहे हैं।

यह घटना वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण सुरक्षा दोनों की अहमियत को दर्शाती है —
जहां इंसान और जंगली जीव के सहअस्तित्व के लिए सावधानी और समन्वय दोनों जरूरी हैं।

Spread the love

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने नया ‘आधार’ ऐप लॉन्च कर दिया है। यह नया एप पुराने mAadhaar एप की जगह लेगा। UIDAI ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...

Categories

Recent Posts

राज-नीति News

Banner Image
Banner Image
WhatsApp Chat