विराटनगर (जयपुर)। रिपोर्टर – मामराज मीणा
विराटनगर थाना पुलिस ने एक ऐसी झूठी सूचना का खुलासा किया है, जिसने पूरे पुलिस तंत्र को घंटों तक उलझाए रखा। शराब के नशे में धुत एक युवक ने 4.50 लाख रुपए लूटने की मनगढ़ंत कहानी रच दी, जिसके बाद पुलिस ने कई इलाकों में नाकाबंदी कर दी। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो पूरा मामला झूठा निकल आया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की शुरुआत: नशे में युवक ने कहा—स्कॉर्पियो सवार 4.50 लाख लूट ले गए
थाना मनोहरपुर क्षेत्र के कल्याणपुरा निवासी राजू बावरिया ने पुलिस को फोन कर बताया कि“अज्ञात स्कॉर्पियो सवारों ने मुझे मारपीट कर 4.50 लाख रुपए लूट लिए।”इतना बड़ा मामला सामने आते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। सूचना मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और कार्यवाहक सीओ राजेंद्र बुडरक के निर्देशन में तीन टीमें बनाई गईं।
नाकाबंदी, सीसीटीवी खंगाले—लेकिन लूट का कोई सुराग नहीं
विराटनगर, थानागाजी और मनोहरपुर रोड पर पुलिस ने एक साथ नाकाबंदी करवाई।सभी बड़े रास्तों पर वाहनों की चेकिंग शुरू हुई।पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले।लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि कहीं भी लूट जैसी कोई घटना दिखाई नहीं दी।न तो स्कॉर्पियो का कोई संदिग्ध मूवमेंट और न ही किसी झगड़े का दृश्य कैमरों में कैद था।
पूछताछ में टूटी कहानी—सच्चाई निकलते ही उड़ गया झूठ का पर्दाफाश
जब पुलिस ने राजू बावरिया को थाने बुलाकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसकी पूरी कहानी भरभरा कर गिर गई।आखिरकार उसने सच स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि—
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वह अपने भांजे फैलीराम के साथ अलवर तिराया क्षेत्र से शराब खरीदकर पिकअप में बैठकर पी रहा था।
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नवरंगपुरा के पास सामने से आ रही एक स्कॉर्पियो से उसकी गाड़ी की साइड टकरा गई।
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इससे नाराज स्कॉर्पियो सवारों ने उसे धक्का-मुक्की कर दी।
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गुस्से और नशे में उसने पुलिस को झूठी लूट की सूचना दे दी, ताकि स्कॉर्पियो सवारों को परेशान किया जा सके।
पुलिस ने किया गिरफ्तार—झूठी सूचना देना अपराध
विराटनगर थाना प्रभारी सोहनलाल ने बताया कि आरोपी ने जानबूझकर पुलिस को गुमराह किया और पूरी पुलिस टीम को घंटों तक बिना वजह परेशान किया।मामला पूरी तरह झूठा साबित होने पर राजू बावरिया निवासी कल्याणपुरा को गिरफ्तार कर लिया गया है।उन्होंने कहा कि झूठी सूचना देना न सिर्फ कानूनन अपराध है बल्कि इससे पुलिस का समय भी बर्बाद होता है, जो किसी वास्तविक घटना में इंसानी जान बचाने में काम आ सकता था।
समाज के लिए संदेश—मस्त और मजाक में दिया एक फोन हो सकता है गिरफ्तारी का कारण
यह घटना एक स्पष्ट संदेश देती है कि शराब के नशे में किसी भी तरह की गलत हरकत या झूठी सूचना देना गंभीर अपराध है।पुलिस का समय अमूल्य है और इसे बेवजह भटकाना अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है।विराटनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने साबित कर दिया किकानून के साथ खिलवाड़ करने वाले चाहे जो भी हों, उनकी जगह सीधे जेल में ही है।
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