जयपुर | जयपुर में बीते दो दिनों से लेपर्ड मूवमेंट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गुरुवार रात को यह मामला तब गंभीर हो गया जब चांदपोल इलाके की एक दुकान में एक लेपर्ड घुस गया। लेपर्ड दुकान के भीतर फ्रिज के पास छिपकर बैठा हुआ था। दुकानदार ने तुरंत शटर गिराकर उसे अंदर ही बंद कर दिया। यह घटना रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। इसके तुरंत बाद इलाके में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुटने लगे।

5 घंटे तक चला रेस्क्यू, वन विभाग की देरी पर सवाल
दुकान मालिकों और स्थानीय लोगों ने बताया कि लेपर्ड दिखने की सूचना तुरंत DFO केतन कुमार और DFO वाइल्ड लाइफ विजयपाल सिंह को दे दी गई थी। इसके बावजूद वन विभाग की टीम लगभग तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। देर से रेस्क्यू टीम आने के कारण भीड़ लगातार बढ़ती रही और पुलिस को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। रात करीब 11 बजे रेस्क्यू शुरू हुआ और लगभग एक बजे लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ा गया। दुकान से रेस्क्यू किया गया यह मेल लेपर्ड करीब डेढ़ साल का बताया गया है।



अचरोल में 70 फीट गहरे कुएं में गिरा दूसरा लेपर्ड
गुरुवार के दिन ही जयपुर के अचरोल इलाके में 70 फीट गहरे कुएं में एक अन्य लेपर्ड गिर गया था। स्थानीय लोगों ने जब कुएं से आवाज सुनी तो उन्होंने वन विभाग को सूचित किया। इस रेस्क्यू में वन विभाग के डॉक्टर पिंजरे में बैठकर नीचे उतरे और काफी सावधानी के साथ लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज किया गया। लेपर्ड दो दिनों से कुएं में फंसा हुआ बताया जा रहा है। उसे सुरक्षित बाहर निकालकर वन्यजीव संरक्षण टीम की निगरानी में रखा गया है।
नायला में कार की चपेट में आया लेपर्ड, मौके पर मौत
इसी दौरान जयपुर के नायला क्षेत्र से एक और घटना सामने आई जहां सड़क पार करते समय एक लेपर्ड कार की चपेट में आ गया। तेज रफ्तार वाहन की टक्कर इतनी जोरदार थी कि लेपर्ड की मौके पर मौत हो गई। यह घटना वन्यजीवों के शहरी क्षेत्रों तक बढ़ते संघर्ष की गंभीर तस्वीर पेश करती है।
संजय सर्किल से लेकर चांदपोल तक लेपर्ड की लंबी मूवमेंट
मोहम्मद शबीर, जो चांदपोल के पास रहते हैं, ने बताया कि लेपर्ड सबसे पहले संजय सर्किल स्थित होटल बिसाऊ पैलेस के आसपास देखा गया था। इसके बाद वह सरोज सिनेमा होते हुए उनके घर के पास पहुंचा। शटर गिराकर उसे सुरक्षित रूप से दुकान के अंदर बंद करना लोगों की सतर्कता का उदाहरण रहा, जिसने किसी बड़े हादसे को टाल दिया।
शहर में बढ़ती लेपर्ड गतिविधि चिंता का विषय
जयपुर के विभिन्न इलाकों में लगातार दो दिनों तक लेपर्ड की मूवमेंट ने वन विभाग की व्यवस्था और प्रतिक्रिया समय पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल क्षेत्रों में बढ़ते मानव हस्तक्षेप और भोजन की कमी के चलते लेपर्ड अब आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि लेपर्ड दिखने पर भीड़ न जुटाएं और तुरंत अधिकारियों को सूचना दें।





