बारां, संवाददाता: जय प्रकाश शर्मा
मांगरोल कस्बे में इन दिनों overloaded vehicle mangrol की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। खेतों से सरसों भरकर ले जाए जा रहे ओवरलोड वाहन बिना किसी रोक-टोक के कस्बे के मुख्य मार्गों से गुजर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
खेतों से प्लांट तक सरसों से भरे वाहन
कस्बे के आसपास खेतों के ढेरों से सरसों से लदे भारी वाहन सीधे प्लांट की ओर जा रहे हैं। overloaded vehicle mangrol की यह आवाजाही पुलिस थाने के ठीक बाहर से होकर गुजरती है। इसके बावजूद न तो पुलिस द्वारा इन वाहनों की जांच की जा रही है और न ही ओवरलोडिंग पर कोई चालान कार्रवाई दिखाई दे रही है।
संवेदनशील मार्ग से गुजर रहे भारी वाहन
ये ओवरलोड वाहन आजाद चौक पुलिया होते हुए सीसवाली चौराहे की ओर जा रहे हैं। यही मार्ग चौथ बरवाड़ा माता मंदिर के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख पैदल रास्ता भी है। overloaded vehicle mangrol की वजह से इस मार्ग पर हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर संकट
एक ओर पैदल श्रद्धालु और आम नागरिक, दूसरी ओर तेज रफ्तार और ओवरलोड भारी वाहन—यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि overloaded vehicle mangrol के कारण कई बार पैदल राहगीर बाल-बाल बच चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने इससे कोई सबक नहीं लिया।
पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब पुलिस थाने के सामने से हो रहा है, फिर भी पुलिस प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखता। overloaded vehicle mangrol पर कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
रोड अतिक्रमण पर पालिका की चुप्पी
केवल ओवरलोड वाहन ही नहीं, बल्कि सड़क अतिक्रमण भी मांगरोल की बड़ी समस्या बन चुका है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा दुकानदारों के अतिक्रमण पर कोई नियंत्रण नहीं किया गया है। ठेले और दुकानदार सड़क पर टेबल लगाकर सामान फैला देते हैं, जिससे सड़क और भी संकरी हो जाती है और overloaded vehicle mangrol की समस्या और खतरनाक बन जाती है।
संभावित जनहानि की जिम्मेदारी किसकी
स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि किसी दिन बड़ा हादसा हो गया और जनहानि हुई, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—पुलिस प्रशासन या नगर पालिका? overloaded vehicle mangrol और अतिक्रमण दोनों ही प्रशासनिक लापरवाही के स्पष्ट उदाहरण माने जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की चिंता और नाराजगी
कस्बेवासियों में इस मुद्दे को लेकर गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन तब जागता है, जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है। वे मांग कर रहे हैं कि overloaded vehicle mangrol पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो और सड़क अतिक्रमण हटाया जाए।
प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा जनता को
कुल मिलाकर, मांगरोल में overloaded vehicle mangrol और रोड अतिक्रमण की समस्या प्रशासनिक असफलता को उजागर करती है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका खामियाजा किसी निर्दोष की जान देकर चुकाना पड़ सकता है।
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