जयपुर में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां SIR योजना के काम से परेशान एक BLO शिक्षक ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक का नाम मुकेश जांगिड़ बताया गया है, जो राजकीय प्राथमिक विद्यालय नाहरी का बास में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे और इसके साथ ही BLO का दायित्व भी निभा रहे थे।
सुबह 4:30 बजे घर से निकले और फिर…
जानकारी के अनुसार शिक्षक मुकेश जांगिड़ सुबह 4:30 बजे मोटरसाइकिल लेकर घर से निकले थे। कुछ ही समय बाद वे बिंदायका फाटक पहुंचे और वहीं उन्होंने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। बिंदायका थानाप्रभारी विनोद वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला काम के दबाव से जुड़ा हुआ लग रहा है।
सुसाइड नोट में दर्ज था दर्द
पुलिस को मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। मृतक के भाई गजानंद ने बताया कि पिछले कई दिनों से उनके भाई पर काम का भारी दबाव था। रात को भी उनके साथी शिक्षक फॉर्म भरने में उनकी मदद कर रहे थे। सुसाइड नोट में लिखा मिला कि SIR योजना के कार्यों को लेकर सुपरवाइजर सीताराम लगातार उन पर दबाव बना रहा था और काम पूरा न होने पर सस्पेंड करने की धमकी दे रहा था।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
मृतक शिक्षक अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिवार का कहना है कि मुकेश जांगिड़ लगातार मानसिक तनाव में थे लेकिन विभागीय दबाव के कारण वे अपनी समस्याएं खुलकर घर पर नहीं बताते थे। घटना के बाद परिवार और स्थानीय शिक्षकों में गहरा आक्रोश है।
शिक्षक संघ ने उठाई गंभीर आवाज
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर SIR को टॉप कराने का दबाव फील्ड के कर्मचारियों पर अनावश्यक तरीके से डाला जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डेटा की संख्या से ज़्यादा गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए और BLO कर्मचारियों पर गैर-जरूरी दबाव हटाया जाए।
“दबाव से एक शिक्षक की जान गई” – शिक्षक संघ
शिक्षक संघ ने कहा कि SIR के भारी दबाव के कारण ही एक BLO शिक्षक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। यह स्थिति न केवल विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि शिक्षकों की मानसिक सेहत के लिए बड़े खतरे का संकेत भी है। संघ ने घोषणा की है कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे ताकि BLO पर दबाव कम किया जा सके।
स्कूलों में अध्यापक कमी से शिक्षा प्रभावित
संघ ने यह भी कहा कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, ऐसे में स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है। यदि उन्हें अत्यधिक फील्ड वर्क में लगाया गया तो बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ेगा। इसलिए BLO और शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव पूरी तरह बंद होना चाहिए।
#JaipurNews #TeacherSuicide #BLOCase #SIRYojana #RajasthanNews #EducationSystem #WorkPressure #BreakingNews #JaipurUpdate #TeacherIssues