टोंक, संवाददाता:(भरत शर्मा)
राजस्थान के टोंक जिले के पीपलू कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC Peepalu) की एक्स-रे मशीन पिछले तीन महीनों से खराब पड़ी है। इसके चलते रोजाना आने वाले सैकड़ों मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिन्हें सामान्य जांच के लिए अस्पताल में राहत मिलनी चाहिए थी, उन्हें अब मजबूरन निजी एक्स-रे केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त या सस्ती जांच की सुविधा बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई गरीब परिवारों के लिए निजी केंद्रों पर जांच करवाना बोझ बन गया है।स्थानीय कांग्रेस मंडल अध्यक्ष श्रीराज साहू, सुरेश जांगिड़ सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर कई बार आवाज़ उठाई है। उन्होंने बताया कि समस्या को सीएचसी प्रभारी और ब्लॉक सीएमएचओ तक कई बार पहुंचाया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और तकनीकी देरी के कारण यह समस्या तीन महीने से जस की तस बनी हुई है।
बारिश में हुई थी मशीन की खराबी, फर्श में नमी से बिगड़े पार्ट्स
सीएचसी प्रभारी डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि यह समस्या पिछले बारिश के मौसम में शुरू हुई थी। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में स्थित एक्स-रे कक्ष की छत से पानी टपकने और नीचे फर्श में नमी आने के कारण मशीन के कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स खराब हो गए।डॉ. कुमार ने बताया कि खराबी की जानकारी कंपनी को पहले ही दे दी गई थी और कंपनी के इंजीनियरों ने जांच के बाद नए पार्ट्स का ऑर्डर कर दिया है।
मेड इन चाइना’ पार्ट्स से बढ़ी मुश्किलें, देरी का यही है कारण
मशीन का निर्माण “Made in China” कंपनी द्वारा किया गया है, जिसके कारण इसके स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति में देरी हो रही है। मशीन के कई आवश्यक कंपोनेंट चीन से आने हैं, और आयात प्रक्रिया में समय लग रहा है।हालांकि डॉक्टर का कहना है कि कंपनी से नए पार्ट्स की शिपमेंट आ चुकी है और उम्मीद है कि एक-दो दिनों में मशीन फिर से चालू हो जाएगी।
लोगों की उम्मीद: जल्द बहाल हो एक्स-रे सुविधा
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द एक्स-रे मशीन को दुरुस्त कराए ताकि आम मरीजों को राहत मिले। बीमारों और दुर्घटना पीड़ितों को प्राथमिक जांच के लिए एक्स-रे की आवश्यकता होती है, लेकिन मशीन बंद होने से उन्हें निजी केंद्रों तक जाना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है।जनप्रतिनिधियों ने भी जिला चिकित्सा अधिकारियों से आग्रह किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता दी जाए और ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए पुराने भवन की मरम्मत पर भी ध्यान दिया जाए।पीपलू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एक्स-रे मशीन की खराबी सिर्फ एक तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का आईना है। तीन महीने तक मशीन बंद रहना यह दर्शाता है कि ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाएं कितनी उपेक्षित हैं।सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह की जनसेवा से जुड़ी सुविधाएं निर्बाध रूप से चलती रहें, ताकि आम नागरिकों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर बना रहे।





