बूंदी, संवाददाता: रवि गौतम
बूंदी जिले के ठिकरिया चारणान में स्थित ठिकरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण 185 लाख रुपये की लागत से किया गया था। हालांकि, पंचायतवासियों ने शिकायत की है कि अस्पताल का निर्माण अधूरा है। चारदीवारी अधूरी है, छत पर प्लास्टर नहीं किया गया, और निर्मित दीवारों में दरारें आ गई हैं।
पंचायतवासियों और नेताओं की नाराजगी
इस अनियमितता को लेकर पंचायतवासियों में नाराजगी का माहौल है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाया गया यह केंद्र अधूरा होने के कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा नेता मधुसूदन जाडावत ने कहा कि यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य अधिकारों के उल्लंघन का संकेत भी है।
अधूरी निर्माण कार्य और तकनीकी खामियां
पवन नागर, तालेड़ा मंडल महामंत्री ने बताया कि चारदीवारी अधूरी है, छत पर प्लास्टर नहीं हुआ है, और दीवारों में दरारें आ गई हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीकी खामियां अस्पताल की कार्यक्षमता और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।
अधिकारियों की भूमिका और हैंडओवर विवाद
पवन नागर ने यह भी बताया कि चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने कार्य पूर्ण हुए बिना ही अस्पताल को हैंडओवर कर दिया। इस प्रक्रिया से स्पष्ट होता है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने अधूरी निर्माण कार्य को नजरअंदाज किया और नियमों का उल्लंघन किया।
ज्ञापन सौंपने का घटनाक्रम
इस मुद्दे को लेकर पंचायतवासियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई कि अस्पताल के निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान पंचायत और क्षेत्र के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
नेता और पूर्व अधिकारियों की प्रतिक्रिया
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व जिला मंत्री रामदत्त शर्मा, पूर्व मंडल महामंत्री रामरतन गुजर और पंचायत प्रभारी महावीर नागर भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण जनता की भलाई के लिए किया गया है, लेकिन अधूरी निर्माण कार्य और लापरवाही से जनता को नुकसान पहुंच रहा है।
जांच और कार्रवाई की मांग
पंचायतवासियों और नेताओं ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि निर्माण में शामिल सभी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
सामाजिक और स्वास्थ्य पर प्रभाव
अधूरी निर्माण और तकनीकी खामियों के कारण क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि इस अस्पताल की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो ग्रामीण क्षेत्र के लोग मजबूरी में दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ठिकरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में गुणवत्ता और निगरानी के अभाव से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। पंचायतवासियों का कहना है कि जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और अस्पताल को पूरी तरह कार्यशील बनाना चाहिए।
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