अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि पाकिस्तान, रूस और चीन गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। यह बयान उन्होंने रविवार को दिए गए एक इंटरव्यू में दिया। ट्रम्प अमेरिकी न्यूज चैनल CBS के शो 60 मिनट्स में शामिल हुए, जहां उन्होंने दावा किया कि अब अमेरिका को भी अपने न्यूक्लियर टेस्ट फिर से शुरू करने चाहिए।
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North Korea, Russia, China and Pakistan are testing Nuclear Weapons — they don't have reporters who write about it. We are open world, if we test nuclear weapons, you (reporters) are gonna report about it —we're going to test Nuclear Weapons like other countries do pic.twitter.com/Z4KKVPoLN7
— Open News© (@OpenNewNews) November 3, 2025
अमेरिका को फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने की जरूरत
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के पास इतने परमाणु हथियार हैं कि वह “दुनिया को 150 बार नष्ट” कर सकता है। उनका कहना है कि रूस और चीन लगातार गुप्त परीक्षण कर रहे हैं, इसलिए अमेरिका को भी अपनी सुरक्षा नीति पर दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही पेंटागन को परमाणु परीक्षण की तैयारी शुरू करने के आदेश दे दिए हैं।
भारत-पाक संघर्ष रोकने का दावा दोहराया
ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके मुताबिक, दोनों देश परमाणु युद्ध की कगार पर थे, लेकिन उनकी दखल के बाद हालात शांत हुए। यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने यह दावा किया है — वे अब तक 70 से ज्यादा बार ऐसा कह चुके हैं।
चीन-ताइवान विवाद पर सख्त चेतावनी
ट्रम्प ने कहा कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस बात को जानते हैं कि अमेरिका की प्रतिक्रिया कितनी कठोर होगी। ट्रम्प ने कहा कि उनके शासनकाल में चीन ने ताइवान पर कभी हमला करने की हिम्मत नहीं की थी, क्योंकि उसे अमेरिका के जवाब से डर था।
पुतिन और जिनपिंग को बताया “स्मार्ट और मजबूत नेता”
इंटरव्यू में जब ट्रम्प से पूछा गया कि पुतिन और जिनपिंग में से किससे निपटना मुश्किल है, तो उन्होंने कहा— “दोनों कठिन हैं, दोनों स्मार्ट हैं। ये मज़ाक के लिए नहीं बैठे होते, ये गंभीर और मजबूत नेता हैं।” उन्होंने दोनों नेताओं को रणनीतिक सोच वाला और प्रभावशाली बताया।
अमेरिकी वैज्ञानिकों की चेतावनी
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर अमेरिका फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करता है, तो इससे रेडिएशन और पर्यावरण प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है। एरिजोना यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले हुए अमेरिकी परमाणु परीक्षणों की वजह से 6.9 लाख लोगों की मौत या स्वास्थ्य पर असर हुआ था।
केवल उत्तर कोरिया कर रहा खुला परीक्षण
वर्तमान में केवल उत्तर कोरिया ऐसा देश है जो सार्वजनिक रूप से परमाणु परीक्षण कर रहा है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया लगातार उत्तर कोरिया पर दबाव डाल रहे हैं कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को रोक दे और शांति वार्ता शुरू करे।
ट्रम्प ने अपने आदेश को सही ठहराया
ट्रम्प ने कहा कि उनका निर्णय सही है क्योंकि रूस और चीन पहले से ही परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा— “हमारे पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं, लेकिन हम परीक्षण नहीं करते। अब हमें भी ऐसा करना चाहिए।” उन्होंने यह नहीं बताया कि परीक्षण कब और कहां होंगे, लेकिन कहा कि “हमारे पास टेस्टिंग साइट्स हैं, घोषणा जल्द होगी।”

अमेरिकी कांग्रेस में शुरू हुई बहस
अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अगर राष्ट्रपति आदेश देते हैं तो अमेरिका को परमाणु परीक्षण शुरू करने में 24 से 36 महीने लग सकते हैं। कई सांसदों का कहना है कि बिना धमाका किए भी आधुनिक तकनीक से हथियारों की जांच संभव है, लेकिन ट्रम्प का मानना है कि अमेरिका को अपनी सैन्य ताकत दिखाने का समय आ गया है।
परमाणु निरस्त्रीकरण पर ट्रम्प का बयान
ट्रम्प ने कहा कि वे परमाणु हथियार खत्म करने (निरस्त्रीकरण) के पक्ष में हैं। उन्होंने बताया कि इस दिशा में रूस और चीन से बातचीत चल रही है। उनका कहना है कि अगर सही समझौता हुआ, तो दुनिया को परमाणु युद्ध के खतरे से बचाया जा सकता है।





