कोटा, संवाददाता: तेजपाल सिंह बग्गा
sultanpur road accident की एक गंभीर घटना सोमवार देर रात सामने आई, जब सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में कोटा-श्योपुर मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रेफर किया गया। यह हादसा इटावा रोड स्थित एक ढाबे के पास हुआ, जहां रात के समय यातायात अपेक्षाकृत कम था, लेकिन तेज रफ्तार और लापरवाही हादसे का कारण बन गई।
कोटा-श्योपुर मार्ग पर दो बाइकों की टक्कर
जानकारी के अनुसार, बड़ौद की ओर से अपने गांव नोताड़ा जा रहे तीन युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे। इसी दौरान सुल्तानपुर की ओर से सीसवाली जा रहे एक अन्य बाइक सवार से उनकी भिड़ंत हो गई। accident में टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों मोटरसाइकिलों पर सवार लोग सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
ओवरटेक के प्रयास में हुआ हादसा
सुल्तानपुर थाने के एएसआई रघुवीर ने बताया कि हादसा ओवरटेक के प्रयास के दौरान हुआ। एक बाइक सवार द्वारा आगे निकलने की कोशिश की गई, जिससे सामने से आ रही मोटरसाइकिल से सीधी टक्कर हो गई। road accident ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी जानलेवा साबित हो सकती है।
घायलों को सुल्तानपुर से कोटा रेफर
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सुल्तानपुर अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने तीन युवकों की स्थिति को गंभीर बताया। sultanpur road accident में घायल नोताड़ा निवासी शकील, सैफ अली और मोइनुद्दीन को गंभीर फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटों के कारण कोटा रेफर किया गया।
तीन युवकों की हालत गंभीर
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, तीनों युवकों को हाथ-पैर में गंभीर फ्रैक्चर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं। फिलहाल उनका इलाज कोटा के अस्पताल में जारी है। वहीं, अमन नामक युवक को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
एंबुलेंस व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस road accident के बाद सुल्तानपुर क्षेत्र की एंबुलेंस व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि घायलों को कोटा ले जाने के लिए उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। बताया गया कि सुल्तानपुर की एंबुलेंस मौके पर उपलब्ध नहीं थी, जबकि दीगोद से आने वाली एंबुलेंस भी काफी देरी से पहुंची।
डेढ़ घंटे तक नहीं मिली एंबुलेंस
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो घायलों को जल्दी उच्च स्तरीय इलाज मिल सकता था। sultanpur road accident के दौरान एंबुलेंस में हुई देरी ने घायलों की पीड़ा और परिजनों की चिंता को और बढ़ा दिया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं और एंबुलेंस व्यवस्था नाकाफी है। sultanpur road accident कोई पहली घटना नहीं है, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
प्रशासन से त्वरित व्यवस्था की मांग
स्थानीय नागरिकों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि सुल्तानपुर क्षेत्र में पर्याप्त एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। लोगों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस और इलाज मिल जाए, तो कई कीमती जानें बचाई जा सकती हैं। sultanpur road accident ने एक बार फिर इस गंभीर जरूरत को उजागर कर दिया है।
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