ePaper
WhatsApp Image 2025 10 28 at 14.37.01

अविकानगर में रबी फसल के गुणवत्तायुक्त बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित

अविकानगर में ‘फार्मर फर्स्ट प्रोजेक्ट’ के तहत रबी फसल बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित

भाकृअनुप – **केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर (टोंक)** में संचालित ‘**फार्मर फर्स्ट प्रोजेक्ट**’ के अंतर्गत रबी फसलों के गुणवत्तायुक्त बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक **डॉ. अरुण कुमार तोमर** ने की। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक खेती और उन्नत किस्म के बीजों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

 

मालपुरा तहसील के छह गांवों के किसानों को किया गया बीज वितरण

कार्यक्रम के तहत मालपुरा तहसील के चयनित गांवों — **अरनिया, बस्सी, डेचवास, चौसला, गरजेडा और सोडा** — से आए किसानों को बीज वितरित किए गए। संस्थान की पहल के तहत – **35 किसानों को गेहूं की किस्म DBW-187 (करन कंचन)**, – **70 किसानों को किचन गार्डन हेतु सब्जियों की बीज किट**, – और **20 किसानों को चने की उन्नत किस्म GNG-2144** का बीज **राष्ट्रीय बीज निगम** से प्राप्त गुणवत्ता मानकों के अनुसार वितरित किया गया।

 

डॉ. अरुण कुमार तोमर ने दी वैज्ञानिक खेती और प्राकृतिक खेती पर सलाह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए **निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर** ने किसानों से कहा कि खेती में उन्नत किस्मों के बीज और वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग ही उत्पादन बढ़ाने का प्रमुख आधार है।

उन्होंने कहा —

“आज की आवश्यकता यह है कि हम प्राकृतिक खेती को अपनाकर लागत कम करें
और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखते हुए उत्पादन को बढ़ाएं।”

डॉ. तोमर ने किसानों से अपील की कि संस्थान द्वारा दिए गए बीजों और तकनीकों को अपनाएं
और अपने-अपने क्षेत्र के अन्य किसानों तक भी इन नवाचारों का प्रसार करें।

 

किसानों के साथ वैज्ञानिकों की संवादात्मक चर्चा

इस अवसर पर **फार्मर फर्स्ट प्रोजेक्ट के प्रमुख अन्वेषक (PI)** **डॉ. सत्यवीर सिंह डागी**, **डॉ. लीलाराम गुर्जर**, **डॉ. राजेश बिश्नोई**, **डॉ. रणजीत गोदारा** और **डॉ. दुष्यंत कुमार शर्मा** ने किसानों के साथ संवाद स्थापित किया।

उन्होंने किसानों से खेती और पशुपालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की
और “फार्मर फर्स्ट स्कूल” के तहत नवीन तकनीकों, फसल चक्र, जैविक खाद के उपयोग
और पशु पोषण से संबंधित आवश्यक सुझाव दिए।

 

कार्यक्रम संचालन और मीडिया समन्वय

कार्यक्रम का संचालन **डॉ. राजेश बिश्नोई** द्वारा किया गया। उन्होंने सभी किसानों को संस्थान द्वारा संचालित गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और बताया कि फार्मर फर्स्ट प्रोजेक्ट का उद्देश्य किसानों तक नवीनतम अनुसंधान परिणामों को सरल और उपयोगी रूप में पहुंचाना है।उन्होंने बताया कि संस्थान किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए
लगातार ऐसे प्रायोगिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है।

 

संस्थान की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही है जागरूकता

अविकानगर स्थित यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में **कृषि जागरूकता और वैज्ञानिक सोच** को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। किसानों ने संस्थान की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें नई तकनीक, बीज की गुणवत्ता और खेती के बेहतर तरीकों की जानकारी मिलती है।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा —
“वैज्ञानिक खेती अपनाएं, लागत घटाएं और उत्पादन बढ़ाएं।”

Spread the love

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 2 मैचों की प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज़ की शुरुआत 14 नवंबर से ईडन गार्डन्स स्टेडियम में हो गई है। पहले ही दिन भारतीय पेसर जसप्रीत...

Categories

Recent Posts

राज-नीति News

Banner Image
Banner Image
WhatsApp Chat