जोधपुर, संवाददाता: कपिल सांखला
जोधपुर में साइबर अपराध का एक गंभीर और डराने वाला उदाहरण बनकर सामने आया है। फर्जी लोन ऐप के जरिए एक युवक को पहले जाल में फंसाया गया, फिर जान से मारने और परिवार की बदनामी की धमकी देकर उससे करीब ₹12.50 लाख रुपए और एक iPhone मोबाइल फोन हड़प लिए गए। इस मामले में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
कैसे शुरू हुआ फर्जी लोन ऐप का जाल
Jodhpur Loan App Blackmail Case की शुरुआत 2 सितंबर 2025 को हुई, जब पीड़ित युवक ललित पारवानी ने मोबाइल पर दिख रहे लोन से जुड़े एक विज्ञापन पर क्लिक किया। इस लिंक के जरिए उसके मोबाइल में “नीम क्रेडिट” नाम का एक एप्लिकेशन डाउनलोड हो गया। एप के माध्यम से उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेल्फी फोटो और परिजनों के मोबाइल नंबर जैसी बेहद संवेदनशील निजी जानकारी ले ली गई।
निजी जानकारी हासिल कर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
Jodhpur Loan App Blackmail Case में आरोपी ने खुद को लोन कंपनी का कर्मचारी बताकर पीड़ित से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया। कम क्रेडिट स्कोर का हवाला देकर पहले एक छोटी राशि का लोन दिलवाया गया। समय पर भुगतान करवाकर आरोपी ने पीड़ित का भरोसा जीत लिया। यही भरोसा आगे चलकर ब्लैकमेलिंग का हथियार बन गया।
जान से मारने और बदनामी की धमकियां
Jodhpur Loan App Blackmail Case ने 27 अक्टूबर 2025 के बाद खौफनाक मोड़ ले लिया। आरोपी और उसके सहयोगियों ने अलग-अलग व्हाट्सऐप नंबरों से पीड़ित को लगातार गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और उसकी पत्नी के अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देनी शुरू कर दी। आरोपी के पास पीड़ित और उसके परिवार की निजी जानकारी होने के कारण वह भय और मानसिक दबाव में आ गया।
डर और मानसिक दबाव में दिया ₹12.50 लाख
Jodhpur Loan App Blackmail Case में समाज में बदनामी और परिवार की प्रतिष्ठा खराब होने के डर से पीड़ित ने आरोपी द्वारा बताए गए क्यूआर कोड और नकद माध्यम से अलग-अलग तारीखों में करीब ₹12.50 लाख रुपए दे दिए। इसके बावजूद आरोपी की ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी और लगातार और पैसों की मांग की जाती रही।
iPhone भी आरोपी ने हड़पा
Jodhpur Loan App Blackmail Case में पैसों के अलावा आरोपी ने पीड़ित से एक iPhone मोबाइल फोन भी हड़प लिया। लगातार धमकियों और दबाव के चलते पीड़ित पूरी तरह मानसिक रूप से टूट चुका था, जिसके बाद उसने पुलिस का सहारा लेने का फैसला किया।
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस की कार्रवाई
Jodhpur Loan App Blackmail Case की गंभीरता को देखते हुए चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना प्रभारी ईश्वर चंद्र पारीक के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मामले को साइबर क्राइम की दृष्टि से जांचते हुए हर पहलू पर बारीकी से काम शुरू किया।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस
Jodhpur Loan App Blackmail Case की जांच में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं का सहारा लिया। मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजैक्शन, क्यूआर कोड और ऐप से जुड़े डेटा का विश्लेषण कर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
Jodhpur Loan App Blackmail Case में पुलिस ने रौनक वीरवानी (31) पुत्र रवि वीरवानी, निवासी अरिहंत नगर को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।
आमजन के लिए साइबर सुरक्षा का संदेश
Jodhpur Loan App Blackmail Case आम लोगों के लिए एक कड़ा सबक है। किसी भी अनजान लोन ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचना बेहद जरूरी है। निजी दस्तावेज, फोटो और संपर्क जानकारी किसी भी अनजान एप या व्यक्ति को देना गंभीर खतरा बन सकता है।
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