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“हल्दी सिर्फ मसाला नहीं, दवा है! न्यूट्रिशनिस्ट अवनी कौल ने बताए 8 जादुई फायदे — जानिए कैसे बदल सकती है आपकी सेहत”

हल्दी को भारत की रसोई का सबसे पुराना और असरदार मसाला माना जाता है।यह सिर्फ स्वाद और रंग देने वाला तत्व नहीं, बल्कि आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर सुपरफूड है।न्यूट्रिशनिस्ट अवनी कौल के अनुसार, हल्दी में पाया जाने वाला तत्व कर्क्यूमिन (Curcumin) शरीर में सूजन को कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

 

इम्यूनिटी बढ़ाने में असरदार

हल्दी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है।रोजाना एक गिलास हल्दी वाला दूध (Golden Milk) पीने से संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।यह वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में शरीर की मदद करता है।

 

सूजन और दर्द में राहत

कर्क्यूमिन एक प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है।यह जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की सूजन और गठिया जैसी बीमारियों में राहत देता है।अवनी कौल बताती हैं कि नियमित सेवन से पुराने दर्द में भी असर दिखता है।

 

पाचन को बनाए दुरुस्त

हल्दी पेट की आंतरिक परत को साफ रखती है और गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या से बचाती है।रोजाना खाने में हल्दी का इस्तेमाल पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है, जिससे भोजन बेहतर तरीके से पचता है।

 

 दिल को रखे स्वस्थ

हल्दी खून को पतला करने और ब्लड क्लॉट्स को रोकने में मदद करती है।यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करती है और दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करती है।

 

 त्वचा को दे नेचुरल ग्लो

हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीसेप्टिक गुण त्वचा की डिटॉक्सिफिकेशन करते हैं।चेहरे पर हल्दी लगाने या हल्दी वाला दूध पीने से त्वचा साफ, मुलायम और ग्लोइंग बनती है।

 

दिमागी सेहत के लिए फायदेमंद

अवनी कौल के अनुसार, हल्दी का नियमित सेवन न्यूरॉन्स को एक्टिव रखता है और मेमोरी को बेहतर बनाता है।यह अल्जाइमर और डिप्रेशन जैसी स्थितियों में भी सहायक मानी जाती है

 

ब्लड शुगर और वजन पर नियंत्रण

हल्दी ब्लड शुगर को संतुलित रखती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करती है।साथ ही यह फैट को ब्रेकडाउन करने में मदद करती है, जिससे वजन घटाने में सहायक होती है।

 

कैंसर की रोकथाम में मददगार

कर्क्यूमिन में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो कैंसर सेल्स की ग्रोथ को रोकने में मदद कर सकते हैं।हालांकि यह किसी चिकित्सा का विकल्प नहीं है, लेकिन कई शोधों में हल्दी को कैंसर प्रोटेक्टिव फूड माना गया है।

 

न्यूट्रिशनिस्ट अवनी कौल की सलाह

अवनी कौल कहती हैं कि हल्दी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।अत्यधिक मात्रा में लेने से लिवर और किडनी पर असर पड़ सकता है।दिन में 1 से 2 ग्राम हल्दी या एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीना सबसे लाभदायक माना गया है।हल्दी सिर्फ एक मसाला नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक औषधि है।यह आपकी इम्यूनिटी, पाचन, त्वचा और मानसिक सेहत — सभी को संतुलित रख सकती है।अगर इसे सही मात्रा में लिया जाए, तो यह वाकई आपकी रोजमर्रा की सेहत को बदल सकती है।

 

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