बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच समस्तीपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सरायरंजन क्षेत्र में सड़क किनारे VVPAT (Voter Verifiable Paper Audit Trail) पर्चियां मिलने से प्रशासनिक महकमे मेंहड़कंप मच गया। यह घटना केएसआर कॉलेज के पास की बताई जा रही है, जहां मतदान संपन्न होने के बाद ये पर्चियां सड़क पर पड़ी मिलीं।जैसे ही यह मामला सामने आया, चुनाव आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच केआदेश जारी कर दिए। प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित एआरओ (ARO) को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही आयोग ने FIR दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं।
क्या हैं VVPAT पर्चियां और क्यों हैं ये इतनी महत्वपूर्ण?
VVPAT मशीन मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने का अहम माध्यम है। जब कोई मतदाता वोट डालता है, तो EVM के साथ जुड़ी VVPAT मशीन से एक पर्ची निकलती है जिस पर उस उम्मीदवार का नामऔर चुनाव चिह्न प्रिंट होता है, जिसे वोट दिया गया है।यह पर्ची कुछ सेकंड के लिए स्क्रीन पर दिखती है और फिर सुरक्षित बॉक्स में गिर जाती है। चुनाव के बाद इन पर्चियों का उपयोग रैंडम चेकिंग के लिए किया जाता है ताकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग में कोई गड़बड़ी न हो सके।
सड़क पर VVPAT पर्चियां मिलने से उठे सवाल
इस घटना ने प्रशासन और चुनाव आयोग दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मतदान खत्म होने के बाद जब सफाईकर्मी सड़क किनारे पहुंचे, तो वहां पर कई VVPAT पर्चियां बिखरीहुई मिलीं। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।पुलिस और चुनाव अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सभी पर्चियां जब्त कर लीं और उन्हें सुरक्षित रखा गया। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये पर्चियां वहांकैसे पहुंचीं — क्या यह प्रशासनिक लापरवाही थी या किसी की साजिश।
चुनाव आयोग की कड़ी कार्रवाई
चुनाव आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से सरायरंजन क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस घटना पर FIRदर्ज की जाए और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए।चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीमसमस्तीपुर भेजी गई है, जो मौके पर जाकर जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगी।
स्थानीय प्रशासन ने दी सफाई
जिला निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि घटना की पूरी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संभव है कि मतदान के बाद VVPAT बॉक्स के ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कुछ पर्चियां बाहर गिरगई हों। हालांकि, यह मानवीय गलती भी हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।उन्होंने यह भी बताया कि सभी पर्चियां सुरक्षित की जा चुकी हैं और चुनाव परिणाम पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विपक्ष ने उठाए सवाल
इस मामले पर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और प्रशासन पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि यह घटना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।आरजेडी और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर VVPAT जैसी संवेदनशील सामग्री सड़क पर पाई जा सकती है, तो वोटों की सुरक्षा पर जनता भरोसा कैसे करे?
जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
फिलहाल, समस्तीपुर की यह घटना पूरे बिहार में चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनाव आयोग की टीम मौके पर जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गलती किसकी थी।लेकिन इतना तय है कि इस मामले ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
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