नई दिल्ली
नई दिल्ली — सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और डांसर तानू रावत (Tanu Rawat) एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। हाल ही में उनके द्वारा पोस्ट किए गए एक रील वीडियो पर हिंदूवादी संगठनों ने तीखी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस वीडियो में हिंदू धर्म की आस्थाओं और धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया गया है।तानू रावत, जो अपने डांस वीडियो और इंस्टाग्राम रील्स के लिए जानी जाती हैं, ने कुछ दिन पहले एक वीडियो शेयर किया था जिसमें धार्मिक संगीत के साथ डांस करते हुए कुछ लोगों को यह अनुचित लगा। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और विवाद खड़ा हो गया।
वीडियो पर हिंदू संगठनों का विरोध
वीडियो सामने आने के बाद कई हिंदूवादी संगठनों ने इसे “धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला” बताया है। कुछ संगठनों ने तानू रावत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की भी चेतावनी दी है।एक संगठन के प्रवक्ता ने कहा—सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए धर्म और संस्कृति का मजाक उड़ाना शर्मनाक है। ऐसे वीडियो युवाओं को गलत संदेश देते हैं।”संगठनों का यह भी कहना है कि तानू जैसे इन्फ्लुएंसर को अपनी लोकप्रियता का उपयोग जिम्मेदारी से करना चाहिए।
फैंस और विरोधियों में बंटा सोशल मीडिया
तानू रावत के फैंस और विरोधियों में सोशल मीडिया पर जमकर बहस छिड़ी हुई है।जहां कुछ लोग उनके समर्थन में लिख रहे हैं कि यह सिर्फ “क्रिएटिव एक्सप्रेशन” है और इसे विवाद का रूप नहीं देना चाहिए, वहीं कई लोग इसे “धार्मिक मर्यादा से खिलवाड़” बता रहे हैं।TanuRawat और #BoycottTanuRawat जैसे हैशटैग X (Twitter) और Instagram पर ट्रेंड कर रहे हैं। कुछ यूजर्स ने वीडियो डिलीट करने की मांग की है, जबकि कुछ ने उनके अकाउंट पर कार्रवाई करने की अपील की है।
Tanu Rawat का रिएक्शन – “किसी की भावनाएं ठेस पहुंचाना मेरा इरादा नहीं था”
विवाद बढ़ने के बाद तानू रावत ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बयान जारी किया। उन्होंने लिखा—मेरा मकसद कभी किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। अगर किसी को मेरे कंटेंट से दुख हुआ है, तो मैं माफी मांगती हूं। मैं आगे से इस बात का और ध्यान रखूंगी।”उनके इस बयान के बाद भी कुछ संगठन शांत नहीं हुए हैं और उन्होंने वीडियो को पूरी तरह हटाने और माफी वीडियो जारी करने की मांग की है।
डिजिटल युग में ‘कंटेंट बनाम सेंसेटिविटी’ पर बहस
यह विवाद फिर से उस सवाल को उठाता है कि कला और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।आज के दौर में सोशल मीडिया क्रिएटर्स को एक तरफ ट्रेंडिंग कंटेंट बनाना होता है, वहीं दूसरी ओर लाखों लोगों की भावनाओं का सम्मान भी करना पड़ता है।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे विविधता भरे देश में किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक विषय को कंटेंट में शामिल करते समय सावधानी और समझदारी जरूरी है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, स्थानीय पुलिस को भी इस मामले की जानकारी मिली है और वीडियो की जांच की जा रही है। अगर किसी भी धार्मिक संगठन की औपचारिक शिकायत दर्ज होती है, तो तानू रावत के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 295A के तहत मामला दर्ज हो सकता है।फिलहाल, पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विवाद के बढ़ते स्वर को देखते हुए यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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