जयपुर_ राजस्थान में लंबे समय से जारी अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर आज फिर से सुनवाई होगी।
यह रिट ऑल राजस्थान बजरी ट्रक वेलफेयर सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा द्वारा दाखिल की गई थी।शर्मा ने अपनी याचिका में कहा था कि प्रदेश में अवैध बजरी खनन एक खुला खेल बन चुका है, जहां खनन और परिवहन दोनों ही नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने इस प्रकरण को गंभीर मामला मानते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को नोटिस जारी किए थे।
कोर्ट ने सरकारों से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब (Reply) मांगा था कि आखिर प्रदेश में अवैध बजरी खनन को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।न्यायालय ने यह भी पूछा था कि जब राजस्थान में बजरी खनन पर कानूनी रोक लगी है, तब इतनी बड़ी मात्रा में बजरी का अवैध परिवहन किस आधार पर हो रहा है।
नवीन शर्मा ने उठाई थी ट्रांसपोइसर्ट सेक्टर की समस्या
प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा ने अपनी याचिका में बताया था कि अवैध खनन के चलते ट्रक ऑपरेटर्स और ट्रांसपोर्ट व्यवसायी लगातार परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण कुछ प्रभावशाली लोग अवैध बजरी खनन कर रहे हैं और लाखों रुपए का नुकसान राज्य को हो रहा है।शर्मा ने यह भी बताया कि अवैध बजरी खनन और परिवहन के चलते न केवल पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है।
पर्यावरणीय नुकसान पर कोर्ट की चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में स्पष्ट कहा था कि अवैध खनन केवल आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए घातक खतरा भी है।
रेत खनन से नदियों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे भूमिगत जल स्तर और जैव विविधता दोनों प्रभावित हो रहे हैं।कोर्ट ने कहा था कि यदि राज्य सरकारें इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई नहीं करतीं, तो यह आने वाले वर्षों में पर्यावरणीय संकट का रूप ले सकता है।
सरकारों से मांगा गया विस्तृत जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को आदेश दिया था कि वे चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें और यह बताएं कि —
प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
कितने मामलों में एफआईआर दर्ज की गई?
कितनी कार्रवाई वास्तविक रूप से की गई?
आज की सुनवाई में सरकारों के जवाबों पर कोर्ट चर्चा करेगी और आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
नवीन शर्मा ने जताई उम्मीद
सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।उन्होंने कहा कि “हमने यह रिट न किसी के खिलाफ, बल्कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण के लिए दायर की है।
उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कठोर दिशा-निर्देश जारी करेगा ताकि राजस्थान में अवैध बजरी खनन पर स्थायी रूप से रोक लग सके।”
संवाददाता_केशव राज सैन
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