हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री कामिनी कौशल का आज 97 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह फिल्म उद्योग की सबसे उम्रदराज सक्रिय अभिनेत्रियों में से एक थीं। हाल ही में उन्होंने आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ में और 2019 की सुपरहिट ‘कबीर सिंह’ में शाहिद कपूर की दादी का किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीता था। परिवार ने उनके निधन के बाद प्राइवेसी की अपील की है।
40 के दशक की सुपरस्टार और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस
कामिनी कौशल 1940 के दशक की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। 1947 और 1948 में वह बॉक्स ऑफिस इंडिया की टॉप एक्ट्रेस रहीं। दो दशक पहले भी उनके योगदान को देखते हुए आउटलुक इंडिया ने उन्हें 75 Best Bollywood Actresses की सूची में शामिल किया था। उनकी सरल एक्टिंग, स्क्रीन प्रेज़ेंस और नैचुरल प्रदर्शन ने उन्हें उस दौर की विशिष्ट अभिनेत्री बना दिया था।

लाहौर में जन्म, पिता ‘बॉटनी के जनक’— बचपन से ही कला की ओर रुचि
कामिनी कौशल का जन्म 16 जनवरी 1927 को लाहौर में हुआ था। उनके पिता प्रोफेसर शिव राम कश्यप पंजाबी विश्वविद्यालय में बॉटनी के प्रमुख विद्वान थे और भारत में काई-विज्ञान (Bryology) के जनक माने जाते हैं। सात वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद परिवार के लिए कठिन समय शुरू हुआ।
कम उम्र में ही कामिनी आकाशवाणी से जुड़ गईं, जहाँ उन्हें 10 रुपये मासिक मिलते थे। उनकी पढ़ाई लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से हुई। इसी दौरान चेतन आनंद ने उन्हें 1946 में अपनी फिल्म ‘नीचा नगर’ में मौका दिया। यह फिल्म बाद में कांस फिल्म फेस्टिवल में अवॉर्ड जीतने वाली भारत की पहली फिल्म बनी।

सात दशक लंबा शानदार करियर
कामिनी कौशल के करियर की चमक सात दशकों तक बनी रही। उन्होंने दो भाई, शहीद, जिद्दी, नदिया के पार, शबनम, उपकार, पूरब और पश्चिम, रोटी कपड़ा और मकान जैसी दर्जनों यादगार फिल्मों में अभिनय किया। बाद के वर्षों में भी उन्होंने चेन्नई एक्सप्रेस, हर दिल जो प्यार करेगा, कबीर सिंह और लाल सिंह चड्ढा जैसी फिल्मों में दमदार भूमिकाएँ निभाईं।

बहन की मौत के बाद जीजा से शादी— निजी जीवन का दुखद मोड़
कामिनी कौशल की निजी जिंदगी उतनी ही भावुक रही जितनी उनकी फिल्मों के किरदार। 1948 में उन्होंने बी.एस. सूद से शादी की। वे उनकी बड़ी बहन के पति थे। बहन की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद दो बच्चों की परवरिश के लिए परिवार ने यह शादी करवाई। कामिनी ने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाया और परिवार को संभाला।
दिलीप कुमार की पहली प्रेमिका— लेकिन रिश्ता अधूरा रह गया
फिल्म ‘शहीद’ की शूटिंग के दौरान कामिनी कौशल और दिलीप कुमार एक-दूसरे के करीब आए। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे। दिलीप कुमार उनसे शादी भी करना चाहते थे। लेकिन कामिनी पहले से शादीशुदा थीं, और परिवार के विरोध के कारण उन्हें यह रिश्ता खत्म करना पड़ा। कामिनी ने बाद में कहा— “हम दोनों ही बिखर गए थे। लेकिन मैं अपने पति और बहन की याद को धोखा नहीं दे सकती थी।”
जब दिलीप कुमार ने उन्हें पहचान नहीं पाया— जिंदगी का सबसे दर्दनाक पल
2013 में प्राण के अंतिम संस्कार पर दोनों वर्षों बाद मिले। दिलीप कुमार तब 90 वर्ष के थे और स्वास्थ्य ठीक नहीं था। वे कामिनी को पहचान नहीं पाए। कामिनी ने कहा— “उनकी एक ब्लैंक नज़र ने मेरा दिल तोड़ दिया।”
कामिनी कौशल केवल एक अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के इतिहास का एक चमकता अध्याय थीं। उनकी सरलता, गरिमा और अभिनय की सादगी ने पीढ़ियों को प्रेरित किया। उनका जाना बॉलीवुड के एक पूरे युग का अंत है।






