जिला कोटा, इटावा: शनिवार सुबह स्टेट हाइवे वन-ए पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक स्कूली वैन और बोलेरो वाहन की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में दो स्कूली बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से पांच को कोटा के अस्पताल रैफर किया गया है, जबकि पांच अन्य का इटावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है।
गेता से इटावा पढ़ने आ रहे थे बच्चे
जानकारी के अनुसार, स्कूली वैन में सवार बच्चे गेता गांव से इटावा पढ़ने आ रहे थे। रास्ते में जैसे ही वैन 132 केवी ग्रिड स्टेशन के पास पहुंची, सामने से तेज़ रफ्तार से आ रही बोलेरो गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।हादसे की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को वैन से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुँचा
सूचना मिलते ही डीएसपी शिवम जोशी, शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घायलों को तुरंत इटावा अस्पताल पहुंचाया और गंभीर बच्चों को कोटा रैफर किया गया।घटना के बाद अस्पताल परिसर में आह और चीख-पुकार का माहौल देखने को मिला। मृतक बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पताल में इलाज जारी, अधिकारी निगरानी में
इटावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पांच बच्चों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है। वहीं, अस्पताल में पुलिस अधिकारियों और शिक्षा विभाग की टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है।डीएसपी शिवम जोशी ने बताया कि दोनों वाहनों के चालकों की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। बोलेरो चालक की पहचान की जा रही है और उसे हिरासत में लिया जाएगा।
घटना से मचा शोक और आक्रोश
इटावा क्षेत्र में इस दुर्घटना के बाद शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली वाहनों की सुरक्षा जांच नियमित रूप से की जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर कड़ी कार्रवाई हो।वहीं शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि अपने स्कूल वैन ड्राइवरों की फिटनेस और लाइसेंस जांच कराएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
अस्पताल में मृतक बच्चों के परिजन एक-दूसरे को सांत्वना देते हुए बार-बार बेसुध हो रहे थे। कई अभिभावक अपने बच्चों की जानकारी लेने के लिए अस्पताल और सड़क दोनों जगह भागदौड़ करते रहे। प्रशासन ने परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
संवाददाता_राजेन्द्र जैन





