दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। ठंडी हवाओं के बीच स्मॉग की परत और घनी होती जा रही है।मौसम विभाग (IMD) और सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग (SAFAR) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली की हवा “बहुत खराब (Very Poor)” श्रेणी में पहुंच गई है।शहर में हवा की रफ्तार बेहद धीमी है, जिससे प्रदूषक कण जमीन के करीब फंस रहे हैं।साथ ही, तापमान में गिरावट ने धूल और धुएं के मिश्रण को और खतरनाक बना दिया है।
AQI ‘Very Poor’ कैटेगरी में, कुछ इलाकों में ‘Severe’
शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक, दिल्ली का औसत AQI (Air Quality Index) 350 से ऊपर दर्ज किया गया।कुछ इलाकों जैसे आनंद विहार, रोहिणी, वजीरपुर और नोएडा सेक्टर-62 में AQI 400 से पार गया, जो ‘Severe’ श्रेणी में आता है।पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हवा की गति अगले 24 घंटे में नहीं बढ़ी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
IMD ने दी चेतावनी — “हवा की रफ्तार बनी रहेगी धीमी”
मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक हवा की दिशा और गति में सुधार की संभावना नहीं है।उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं चल रही हैं, लेकिन इनकी रफ्तार इतनी कम है कि प्रदूषण फैलने की बजाय जमने लगा है।IMD के मुताबिक,सुबह और शाम के समय दृश्यता घटेगी और घना स्मॉग बने रहने की संभावना है।”
प्रदूषण के मुख्य कारण — पराली, वाहन और कंस्ट्रक्शन डस्ट
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली की बिगड़ती हवा के तीन प्रमुख कारण हैं —पंजाब-हरियाणा में पराली जलाना,वाहनों से निकलता धुआं,कंस्ट्रक्शन साइट्स की डस्ट।सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के डेटा के मुताबिक, पराली का योगदान करीब 30% तक पहुंच चुका है।वहीं, लोकल ट्रैफिक और डीज़ल जनरेटर का असर भी हवा को और जहरीला बना रहा है।
सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तैयारी
दिल्ली सरकार ने GRAP-III (Graded Response Action Plan) लागू कर दिया है।इसके तहत—निर्माण कार्यों पर रोक,डीजल जेनरेटर बंद,और स्कूलों में खेलकूद की बाहरी गतिविधियां सीमित की जा रही हैं।साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण टीमें 24 घंटे निगरानी में हैं और हॉटस्पॉट इलाकों में एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर लगाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि स्मॉग के संपर्क में आने से सांस की बीमारियां, खांसी, आंखों में जलन और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को मास्क पहनने और बाहर कम निकलने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिनों में सुधार की उम्मीद?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में उत्तर भारत में हल्की बारिश या पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है।अगर ऐसा हुआ तो हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।हालांकि, फिलहाल दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से राहत मिलने के आसार कम हैं।
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