दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ब्लास्ट में उड़ाई गई i20 कार को चला रहा व्यक्ति पुलवामा का आतंकी डॉक्टर उमर नबी था। सुरक्षाबलों ने गुरुवार रात पुलवामा में उमर के घर को IED से तबाह कर दिया। परिवार के कई सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए धमाके में 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हुए थे।
दिल्ली कार ब्लास्ट का सबसे नजदीकी CCTV फुटेज
#WATCH | Delhi | CCTV footage of the car blast near the Red Fort that claimed the lives of 8 people and injured many others.
Source: Delhi Police Sources pic.twitter.com/QeX0XK411G
— ANI (@ANI) November 12, 2025
IED से तबाह किया गया आतंकी उमर नबी का घर
डॉक्टर और आतंकी बने उमर नबी ने दिल्ली में धमाका करने के लिए जिस i20 कार का इस्तेमाल किया, वह उसी के द्वारा चलाई जा रही थी—यह DNA मैच से साबित हुआ। इस पुष्टि के बाद सुरक्षाबलों ने पुलवामा के कोइल इलाके में उमर के घर को IED इस्तेमाल करके नष्ट कर दिया। उसके माता-पिता और भाईयों से पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल “अकेला” नहीं था और इसके कई साथी देशभर में सक्रिय थे।
6 दिसंबर को 32 कारों से कई धमाकों की साजिश
जांच में गिरफ्तार 8 आतंकियों ने खुलासा किया कि वे 6 दिसंबर, यानी बाबरी विध्वंस की बरसी पर, दिल्ली और अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर धमाके करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 32 कारें खरीदी, जिनमें i20, इको स्पोर्ट और ब्रेज़ा शामिल हैं। उद्देश्य था— भीड़भाड़ वाली जगहों पर क्रमिक धमाके करके तनाव फैलाना।
ED करेगी अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जांच
सरकार ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े विदेशी फंडिंग, जमीन सौदों, और कट्टर नेटवर्क की शिकायतों के बाद ED को जांच का आदेश दिया है। ED आज विश्वविद्यालय के कैंपस में फॉरेंसिक ऑडिट और जांच करेगी। अभी तक यह सामने आया है कि आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. मुजम्मिल. डॉ. उमर. डॉ. सज्जाद और डॉ. शाहीन इसी यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए थे।

तुर्किये से थे आतंकी कनेक्शन — ‘उकासा’ हैंडलर की पहचान
जांच में पाया गया कि उमर नबी और मुजम्मिल तुर्किये में बैठे उकासा नाम के विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे। संचार के लिए वे थ्रीमा ऐप का उपयोग करते थे, जिसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल है क्योंकि यह नंबर और ईमेल के बिना चलता है।
दूसरी संदिग्ध कार में भी विस्फोटक के संकेत
हरियाणा के खंदावली गांव से बरामद की गई लाल रंग की इको स्पोर्ट में भी विस्फोटक सामग्री के निशान मिले हैं। इसके अलावा अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस से मिली ब्रेज़ा कार की फॉरेंसिक जांच जारी है।

अल फलाह यूनिवर्सिटी से मिली डॉ. शाहीन की कार

अमोनियम नाइट्रेट से तैयार हुआ था IED
मेवात से बिना लाइसेंस के अमोनियम नाइट्रेट खरीदने का सबूत मिला है। आतंकियों ने यह सामग्री स्थानीय विक्रेताओं से छुपाकर खरीदी और इसी के जरिए दिल्ली में इस्तेमाल हुए IED को तैयार किया गया।
उमर नबी की ब्लास्ट से 24 घंटे पहले की गतिविधियाँ
CCTV फुटेज में मिला डेटा बताता है कि वह 9 नवंबर की रात फरीदाबाद से निकला, नूंह में रुका, दिल्ली में तीन स्थानों पर घूमता रहा, शाम को कार लाल किले के पास पार्क की, और 6:52 PM पर कार में जोरदार धमाका हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, तेज धमाके के कारण उसके शरीर में गंभीर आंतरिक चोटें आईं।
स्थानीय लोग सतर्क – अब बिना पुलिस वेरिफिकेशन कोई किरायेदार नहीं
फतेहपुर तगा और धौज गांवों के निवासियों ने कहा कि बाहरी डॉक्टरों ने गांव की छवि खराब कर दी। अब ग्रामीणों ने फैसला किया है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन कोई किरायेदार मंजूर नहीं किया जाएगा।
सरकार का बयान और आगे की कार्रवाई
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा— “आतंकवाद को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा। देश दुश्मन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देगा।” दिल्ली सरकार ने मृतकों के लिए ₹10 लाख, गंभीर घायलों के लिए ₹5 लाख और अन्य घायलों के लिए ₹2 लाख मुआवजा घोषित किया है।





