आज 19 नवंबर 2025, बुधवार का दिन है जो भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आज मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक के अनुसार आज कई महत्वपूर्ण योगों का निर्माण हो रहा है, जो पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए विशेष प्रभावकारी साबित हो सकता है।
आज की तिथि, वार और पंचांग के प्रमुख तत्व
पंचांग के अनुसार आज चतुर्दशी तिथि प्रातः 09:43 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि आरंभ होगी। आज दिन बुधवार है तथा संवत् 2082 चल रहा है। इस दिन विशेष रूप से भगवान गणेश की उपासना करने से कार्यों में सफलता मिलती है और सभी विघ्न दूर होते हैं। धार्मिक मान्यताओं में चतुर्दशी का स्थान महत्वपूर्ण माना गया है, और मार्गशीर्ष माह में यह तिथि और भी अधिक शुभ फल प्रदान करती है।
आज के योग और करण
आज सौभाग्य योग प्रातः 09:01 बजे तक रहेगा। इस योग में किए गए कार्य सफल होने की अधिक संभावना रहती है। आज शकुनि करण प्रातः 09:43 बजे तक तथा उसके बाद चतुष्पद करण रात्रि 11:00 बजे तक चलेगा। ये करण और योग मिलकर आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी बना रहे हैं।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा से संबंधित जानकारी
आज सूर्योदय प्रातः 06:47 बजे होगा और सूर्यास्त 05:26 बजे। चंद्रोदय 20 नवंबर को प्रातः 06:47 बजे तथा चंद्रास्त 04:35 बजे होगा। आज सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा। यह ग्रह स्थिति मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता और आध्यात्मिकता को मजबूत करने वाली मानी जाती है।
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है, लेकिन अमृत काल 20 नवंबर को रात 01:05 से 02:53 तक रहेगा। अशुभ मुहूर्तों की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12:06 से 01:26 तक, गुलिकाल 10:47 से 12:06 तक और यमगण्ड 08:07 से 09:27 तक रहेगा। इन समयों में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज का नक्षत्र: स्वाती नक्षत्र का प्रभाव
आज स्वाती नक्षत्र प्रातः 07:59 बजे तक रहेगा। स्वाती नक्षत्र के जातक स्वतंत्र स्वभाव, बुद्धिमत्ता और शांतिप्रिय गुणों के धनी माने जाते हैं। इस नक्षत्र का स्वामी राहु है, जबकि राशि स्वामी शुक्र देव हैं। इस नक्षत्र का देवता वायु देव हैं और इसका प्रतीक हवा में हिलती हुई कोमल कली है। यह नक्षत्र रचनात्मकता, स्वतंत्रता और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है।
भगवान गणेश की पूजा और मंत्र
बुधवार को भगवान गणेश की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। आज के दिन गणेश जी के मंत्रों का जाप करने से अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। प्रमुख मंत्रों में ‘गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियंबक:’ तथा ‘ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा’ अत्यंत प्रभावकारी माने जाते हैं। इन मंत्रों का जप भक्तों को शांति, सफलता और समृद्धि प्रदान करता है।
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