कोटा, संवाददाता: तेजपाल सिंग बग्गा
Free Ayurvedic Surgery Camp का मुख्य उद्देश्य आम जनता को भारत की गौरवशाली और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का अधिकतम लाभ प्रदान करना है। आयुर्वेद विभाग एवं जिला प्रशासन कोटा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह शिविर उन लोगों के लिए विशेष अवसर है, जो सुरक्षित, प्राकृतिक और प्रभावी चिकित्सा की तलाश में हैं। आधुनिक जीवनशैली के कारण बढ़ते रोगों के बीच आयुर्वेद एक संतुलित और दीर्घकालिक समाधान प्रस्तुत करता है। इसी सोच के साथ यह निःशुल्क शिविर आयोजित किया जा रहा है।
जिला कलक्टर द्वारा पोस्टर विमोचन
Free Ayurvedic Surgery Camp के प्रचार-प्रसार हेतु जारी पोस्टर का जिला कलक्टर कोटा श्री पीयूष समारिया द्वारा विमोचन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा को सुरक्षित, प्रभावी और प्राकृतिक बताते हुए आमजन से इसे अपनाने की अपील की। जिला कलक्टर ने कहा कि आयुर्वेद न केवल रोगों का उपचार करता है, बल्कि जीवनशैली को संतुलित कर संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करता है।
शिविर की अवधि, स्थान और समय
आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रवीण सिंह मीणा ने जानकारी दी कि Free Ayurvedic Surgery Camp का आयोजन 22 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। यह शिविर मेड़तवाल वैश्य समाज भवन, जुल्मी रोड, रामगंजमंडी (कोटा) में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान पंजीकरण, परामर्श और उपचार की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
आउटडोर रोगियों के लिए निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा
प्रतिदिन पुराने दमा, खांसी, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, सायटिका, एसिडिटी, कब्ज, चर्म रोग, उदर रोग, स्त्री रोग सहित अन्य सामान्य व दीर्घकालिक बीमारियों का आयुर्वेद पद्धति से उपचार किया जाएगा।
शल्य एवं विशेष आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं
इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता Free Ayurvedic Surgery Camp के अंतर्गत उपलब्ध शल्य चिकित्सा सेवाएं हैं। उपनिदेशक डॉ. प्रवीण सिंह मीणा के अनुसार अर्श (पाइल्स), भगन्दर (फिस्टुला) और परिकर्तिका (फिशर) जैसे रोगों का उपचार आयुर्वेद की प्रसिद्ध क्षारसूत्र पद्धति से किया जाएगा।
पंचकर्म, अग्निकर्म और क्षारसूत्र पद्धति
Free Ayurvedic Surgery Camp में पंचकर्म और अग्निकर्म जैसी पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाएं भी निःशुल्क उपलब्ध रहेंगी। पंचकर्म शरीर के शोधन और संतुलन में सहायक होता है, जबकि अग्निकर्म पुराने दर्द और मांसपेशीय समस्याओं में अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
निःशुल्क औषधि, भोजन और आवास व्यवस्था
शिविर के दौरान मरीजों को जांच, परामर्श, भर्ती और उपचार के साथ-साथ सभी आवश्यक औषधियां निःशुल्क दी जाएंगी। इसके अलावा मरीजों के लिए भोजन, पलंग, बिस्तर और अन्य आवश्यक सुविधाएं राज्य सरकार की ओर से पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उपचार के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बच्चों के लिए विशेष स्वर्णप्राशन सेवा
Free Ayurvedic Surgery Camp में बच्चों के लिए विशेष रूप से स्वर्णप्राशन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। स्वर्णप्राशन आयुर्वेद की एक प्राचीन विधि है, जो बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, मानसिक विकास और शारीरिक मजबूती में सहायक मानी जाती है।
आधार कार्ड अनिवार्यता और पंजीकरण प्रक्रिया
डॉ. प्रवीण सिंह मीणा ने बताया कि शिविर में पंजीकरण, भर्ती और उपचार की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखने के लिए मरीजों को आधार कार्ड की प्रति साथ लाना अनिवार्य होगा। इससे मरीजों की पहचान और रिकॉर्ड प्रबंधन में आसानी होगी तथा सेवाएं सुचारु रूप से प्रदान की जा सकेंगी।
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