नई दिल्ली | आज यानी 5 दिसंबर को चांदी ने इतिहास रच दिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार चांदी का दाम ₹2,400 बढ़कर ₹1,79,025 प्रति किलो पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। कल तक यह कीमत ₹1,76,625 थी। चांदी की यह तेजी भारतीय बाजार से लेकर ग्लोबल प्लेटफॉर्म तक बढ़ती डिमांड और कमजोर डॉलर की वजह से देखी जा रही है।
सोना भी आज तेज़ी के मूड में दिखा। IBJA के मुताबिक 10 ग्राम सोना ₹733 उछलकर ₹1,28,578 पहुंच गया है। 17 अक्टूबर को सोना ₹1,30,874 के ऑलटाइम हाई पर था, और अब फिर उसी दिशा में बढ़ रहा है। सोने में यह उछाल शादियों के सीजन, अंतरराष्ट्रीय मांग और आर्थिक अनिश्चितता के कारण देखने को मिली है।

अलग-अलग शहरों में चांदी और सोना रेट अलग क्यों?
IBJA की कीमतों में GST (3%), मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी वजह से हर शहर में चांदी और सोने का रेट अलग होता है। इसके अलावा, लॉजिस्टिक कॉस्ट, स्थानीय टैक्स और सप्लाई चेन भी दामों को प्रभावित करते हैं।

इस साल चांदी और सोना कितने महंगे हुए?
इस साल चांदी ने निवेशकों को सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है —
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चांदी महंगी हुई: ₹90,003 प्रति किलो
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सोना महंगा हुआ: ₹52,416 प्रति 10 ग्राम
31 दिसंबर 2024 को चांदी ₹86,017 प्रति किलो थी, अब यह ₹1,79,025 तक पहुंच चुकी है। वहीं, सोना 76,162 रुपए से बढ़कर अब ₹1,28,578 हो चुका है।
चांदी के रिकॉर्ड हाई होने के 9 बड़े कारण
चांदी की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग छलांग केवल घरेलू मांग की वजह से नहीं, बल्कि कई वैश्विक कारणों से भी प्रभावित है।
1. इंडस्ट्रियल डिमांड में भारी बढ़ोतरी
EV, सोलर पैनल, चिकित्सा उपकरण और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी की जरूरत बेहद तेजी से बढ़ रही है। चांदी की इंडस्ट्रियल खपत, निवेश खपत से कई गुना अधिक है।
2. डॉलर इंडेक्स कमजोर
डॉलर कमजोर पड़ने पर कीमती धातुएं मजबूत होती हैं। चांदी की कीमतों पर इसका सीधा असर दिखता है।
3. क्रिप्टो मार्केट में अस्थिरता
क्रिप्टो मार्केट की अनिश्चितता के कारण निवेशक चांदी और सोना जैसे सुरक्षित एसेट्स चुन रहे हैं।
4. केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी
कई देशों के सेंट्रल बैंक अपनी तिजोरी में सोने-सिल्वर का हिस्सा बढ़ा रहे हैं। इससे कीमतों में स्थाई तेजी बनी हुई है।
5. ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव
रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य-पूर्व तनाव और ट्रेड वॉर जैसी परिस्थितियों ने चांदी की मांग बढ़ाई है।
6. भारत में त्योहार और शादी का सीजन
भारत में चांदी की मांग त्योहारों और शादियों के दौरान 20–30% तक बढ़ जाती है। यह कीमतों को ऊपर ले जाने वाला बड़ा घरेलू फैक्टर है।
7. उत्पादन में कमी, मांग में बढ़त
दुनिया में चांदी का खनन सीमित है। कई खदानों में उत्पादन घटा है। मांग बढ़ने और आपूर्ति घटने से कीमतें आसमान छू रही हैं।
8. निवेशकों की सेफ-हेवन मानसिकता
आर्थिक अनिश्चितता के दौर में चांदी “सुरक्षित निवेश” के रूप में देखी जाती है। इससे बड़े निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं।
9. टेक्नोलॉजी सेक्टर की तेजी
AI, चिप मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और मेडिकल साइंस जैसे क्षेत्रों में चांदी की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ये सेक्टर चांदी के नए बड़े उपभोक्ता बन रहे हैं।
क्या सोना इस साल ₹1.35 लाख तक जा सकता है?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार ग्लोबल मार्केट और जियो-पॉलिटिकल स्थिति को देखते हुए सोना इस साल ₹1,35,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। चांदी में भी अभी तेजी रुकने के संकेत नहीं दिख रहे।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
चांदी और सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन तेजी के बाद करेक्शन भी आता है। इसलिए किसी भी बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
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