जोधपुर, संवाददाता: कपिल सांखला
पैरों से मैदा गूंथी फीणी का शर्मनाक मामला जोधपुर शहर में सामने आया है, जिसने न केवल खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है। सर्दी के मौसम में बड़े चाव से खाई जाने वाली फीणी को जिस तरह से तैयार किया जा रहा था, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यह मामला जोधपुर के जालोरी गेट क्षेत्र स्थित सालासर बालाजी फीणी उद्योग से जुड़ा है, जहां फीणी बनाने के लिए मैदे को पैरों से गूंथा जा रहा था।
वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
पैरों से मैदा गूंथी फीणी की सच्चाई तब सामने आई, जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक कर्मचारी खुलेआम अपने पैरों से मैदे को गूंथ रहा है। इसी मैदे से फीणी बनाई जा रही थी, जिसे लोग दूध के साथ सेवन करते हैं। वीडियो सामने आते ही आमजन में गुस्सा और आक्रोश फैल गया।
CMHO की टीम ने मौके पर की कार्रवाई
पैरों से मैदा गूंथी फीणी का वीडियो सामने आने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। CMHO जोधपुर के निर्देश पर विभाग की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। टीम ने जालोरी गेट स्थित सालासर बालाजी फीणी उद्योग पर पहुंचकर जांच की और आरोपों को सही पाया।
110 किलो फीणी नष्ट, उद्योग पर सवाल
पैरों से मैदा गूंथी फीणी मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद लगभग 110 किलो फीणी को नष्ट करवाया। यह कार्रवाई जनस्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से की गई, लेकिन इस घटना ने खाद्य उद्योग में साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
सालासर बालाजी फीणी उद्योग का मामला
पैरों से मैदा गूंथी फीणी का यह मामला सालासर बालाजी फीणी उद्योग से जुड़ा हुआ है, जो जोधपुर में फीणी उत्पादन के लिए जाना जाता है जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि खाद्य मानकों और स्वच्छता नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी।
CMHO सुरेंद्र सिंह शेखावत का बयान
पैरों से मैदा गूंथी फीणी मामले पर CMHO सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि विभाग को शिकायत मिली थी कि फीणी उद्योग में अस्वच्छ तरीके से उत्पादन किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर टीम को मौके पर भेजा गया, जहां निरीक्षण के दौरान आरोप सही पाए गए और तत्काल कार्रवाई करते हुए फीणी को नष्ट किया गया।
जोधपुर में फीणी की लोकप्रियता
पैरों से मैदा गूंथी फीणी की घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जोधपुर में सर्दियों के मौसम में फीणी की खपत सबसे अधिक होती है। यहां की मिठाइयां जैसे गुलाब जामुन, घेवर, लड्डू और दूध के साथ खाई जाने वाली फीणी देशभर में प्रसिद्ध हैं। लोग इसे रिश्तेदारों को उपहार में भी देते हैं।
जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़
पैरों से मैदा गूंथी फीणी का मामला सीधे-सीधे जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का उदाहरण है। इस तरह की लापरवाही से गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्वच्छ भोजन से फूड पॉयजनिंग, संक्रमण और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
खाद्य सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल
पैरों से मैदा गूंथी फीणी की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर खाद्य सुरक्षा विभाग की नियमित निगरानी कहां है। यदि वीडियो सामने नहीं आता, तो यह अस्वच्छ खाद्य पदार्थ आम लोगों तक पहुंचता रहता।
पैरों से मैदा गूंथी फीणी: प्रशासन की चेतावनी
पैरों से मैदा गूंथी फीणी मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद्य पदार्थों के उत्पादन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने अन्य खाद्य इकाइयों को भी निर्देश दिए हैं कि वे स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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