जयपुर । राजस्थान में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच MD Drug Manufacturing Rajasthan से जुड़ा एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां किसी फैक्ट्री या बड़े सेटअप में नहीं, बल्कि एक ढाणी की छत पर एमडी ड्रग तैयार की जा रही थी। यह खुलासा पुलिस के लिए भी हैरान करने वाला साबित हुआ।
मुखबिर की सूचना और पुलिस की योजना
गुप्त जानकारी के बाद रची गई रणनीति,पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इलाके में अलग-अलग केमिकल्स लाकर एमडी ड्रग का निर्माण किया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर MD Drug Manufacturing Rajasthan मामले में कार्रवाई की योजना बनाई गई। एसपी नरेंद्र सिंह मीणा के निर्देशन में डीएसपी शर्मा सहित कई पुलिस टीमों को तैयार किया गया।
छत पर चल रही थी ड्रग सुखाने की प्रक्रिया
मौके का नजारा देखकर पुलिस भी रह गई स्तब्ध, जब पुलिस टीम ने ढाणी पर छापा मारा, तो दृश्य बेहद चौंकाने वाला था। ढाणी की छत पर केमिकल्स को मिक्स कर भारी मात्रा में ड्रग्स को सुखाया जा रहा था। MD Drug Manufacturing Rajasthan के इस नए तरीके ने पुलिस को भी हैरानी में डाल दिया।
पुलिस और एनसीबी की संयुक्त कार्रवाई
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को तुरंत बुलाया गया, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सूचना दी। एनसीबी की टीम मौके पर पहुंची और जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई। MD Drug Manufacturing Rajasthan केस में पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली जा रही है।
मुंबई कनेक्शन और आरोपी की पहचान
लकड़ी के काम से ड्रग माफिया तक का सफर, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केरली निवासी मोटाराम मुंबई में लकड़ी का काम करता है। वहीं उसकी मुलाकात ड्रग माफिया से हुई। MD Drug Manufacturing Rajasthan नेटवर्क में उसने अपने चचेरे भाई को लालच देकर शामिल कर लिया।
लकड़ी के कारखाने की आड़ में अपराध
ढाणी में पिछले तीन-चार दिनों से चल रहा था खेल, आरोपियों ने चचेरे भाई के लकड़ी के कारखाने से सटी ढाणी को ड्रग निर्माण के लिए चुना। पिछले तीन-चार दिनों से यहां लगातार केमिकल मिक्सिंग और ड्रग सुखाने का काम चल रहा था। MD Drug Manufacturing Rajasthan में यह जगह इसलिए चुनी गई ताकि किसी को शक न हो।
बिना मशीनों के ड्रग बनाने की चाल
शोर छिपाने के लिए अपनाया गया शातिर तरीका, आरोपियों ने कोई बड़ी मशीन नहीं लगाई थी, जिससे शोर-शराबा न हो। लकड़ी के कारखाने की मशीनों की आवाज में केमिकल मिक्सिंग की ध्वनि छिपाई जाती थी। पुलिस को शक है कि तैयार केमिकल्स कहीं और से मंगवाए जाते थे और यहां सिर्फ मिक्सिंग व सुखाने का काम होता था। MD Drug Manufacturing Rajasthan का यह तरीका बेहद खतरनाक माना जा रहा है।
माफिया का बदला हुआ तरीका
फैक्ट्री की बजाय ढाणी और खुले स्थान,पहले ड्रग माफिया बड़ी फैक्ट्रियां लगाते थे, लेकिन अब तरीका बदल चुका है। MD Drug Manufacturing Rajasthan में सामने आया है कि अब माफिया छोटे और छिपे हुए स्थानों पर केमिकल मिक्सिंग और ड्रग सुखाने का काम कर रहे हैं, ताकि पकड़ से बचा जा सके।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं फैक्ट्रियां
बाड़मेर में पहले हो चुके हैं खुलासे, इससे पहले बाड़मेर के रामसर और सेड़वा थाना क्षेत्रों में भी दो अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं। अब यह नया मामला साफ करता है कि MD Drug Manufacturing Rajasthan में माफिया लगातार नए तरीके अपना रहा है।
नशे के खिलाफ लड़ाई में सतर्कता जरूरी
MD Drug Manufacturing Rajasthan ने यह साफ कर दिया है कि ड्रग माफिया बेहद शातिर हो चुका है। अब जरूरत है कि पुलिस, प्रशासन और समाज मिलकर ऐसे अपराधों के खिलाफ सतर्क रहें।
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