अलवर (भिवाड़ी),संवाददाता: मुकेश कुमार शर्मा
राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी में प्रदूषण संकट लगातार गहराता जा रहा है। सप्ताह की शुरुआत से ही हवा इतनी खराब हो चुकी है कि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘गंभीर’ स्तर के आसपास पहुंच गया है। मंगलवार को AQI 372 रिकॉर्ड किया गया, जबकि बुधवार को भी यह 337 के स्तर पर बना रहा। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति बेहद खतरनाक है और लंबे समय तक ऐसी हवा में रहना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।
GRAP-3 लागू: सख्त कदम शुरू
वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने भिवाड़ी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। यह चरण तभी लागू होता है जब हवा गंभीर श्रेणी में लगातार बनी रहती है।
ग्रेप-3 लागू होते ही कई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है—
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स्टोन क्रेशर संचालन बंद
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खनन गतिविधियां रोक दी गईं
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हॉट मिक्स प्लांट बंद
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गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध
इसका उद्देश्य हवा में धूल, पार्टिकुलेट मैटर और औद्योगिक उत्सर्जन कम करना है।
औद्योगिक इकाइयों पर कड़े निर्देश
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भिवाड़ी की सभी औद्योगिक इकाइयों को साफ-सुथरे ईंधन के उपयोग की सलाह दी है।साथ ही यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि—प्रदूषण नियंत्रण उपकरण सही तरीके से काम करेंकिसी भी यूनिट से अनकंट्रोल्ड धुआं या गैस न निकलेवेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम 100% स्टैंडर्ड के अनुरूप होउद्योगों से निकलने वाला धुआं भिवाड़ी में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण माना जाता है, इसलिए इस बार मॉनिटरिंग भी सख्त की गई है।
स्कूलों को ऑनलाइन मोड अपनाने की सलाह
बच्चों पर प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर होता है। इसी कारण प्रशासन ने सभी स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेस चलाने की सलाह जारी की है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार—
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बच्चों को बाहर की गतिविधियों से बचाया जाए
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मास्क का उपयोग अनिवार्य किया जाए
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अस्थमा या एलर्जी वाले छात्रों को विशेष सावधानी दी जाए
सड़कें अब भी धूल से पट: प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
हालांकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन शहर की सड़कों पर पड़ी खुले में निर्माण सामग्री प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है।
GRAP के नियमों के तहत—
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निर्माण सामग्री को कवर करके रखना अनिवार्य है
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नियमित पानी का छिड़काव होना चाहिए
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सड़क किनारे धूल को तुरंत हटाया जाना चाहिए
लेकिन कई इलाकों में आज भी ढेरों निर्माण सामग्री खुले में पड़ी दिखाई दे रही है, जिससे धूल का प्रदूषण और बढ़ रहा है।
भिवाड़ी की हवा क्यों बन रही जहरीली? — विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार भिवाड़ी में प्रदूषण लगातार बढ़ने के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:
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भारी उद्योगों से उत्सर्जन
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खनन और स्टोन क्रेशर का धूल प्रदूषण
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लगातार बढ़ती ट्रैफिक लोड
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निर्माण गतिविधियों में लापरवाही
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ठंड का मौसम और हवा की धीमी गति
AQI 300 से ऊपर पहुंचने का अर्थ है कि हवा में मौजूद जहरीले कण सीधे फेफड़ों और हृदय पर असर डाल सकते हैं।
स्वास्थ्य पर असर—क्या करें?
डॉक्टरों ने नागरिकों को इन सावधानियों का पालन करने की अपील की है:
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बाहर निकलते समय मास्क पहनें
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सुबह-सुबह या देर रात बाहर जाने से बचें
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घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें
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पानी की मात्रा बढ़ाएं
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अस्थमा रोगी अपनी दवाइयां साथ रखें
भिवाड़ी में प्रदूषण का स्तर अब ‘चेतावनी’ की सीमा को पार कर चुका है। GRAP-3 लागू होने के बाद प्रशासन ने कई जरूरी कदम उठाए हैं, लेकिन शहर की सड़कों पर धूल, खुले में निर्माण सामग्री और औद्योगिक उत्सर्जन जैसे मुद्दों पर लगातार मॉनिटरिंग ही समस्या का समाधान कर सकती है।अभी जनता को भी सतर्क रहकर नियमों का पालन करना जरूरी है ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके और शहर की हवा को सांस लेने लायक बनाया जा सके।
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