जोधपुर, संवाददाता: राजेंद्र सिंह
Brahmadham Prem Sabha Asotra एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का विशाल केंद्र बन गया, जब आसोतरा स्थित श्री ब्रह्मधाम में आयोजित दिव्य प्रेम सभा में लाखों की संख्या में समाज बंधु उमड़ पड़े। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
वसुंधरा राजे का ब्रह्मधाम आगमन
Brahmadham Prem Sabha Asotra का प्रमुख आकर्षण राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे का आगमन रहा। जैसे ही वे ब्रह्मधाम परिसर पहुंचीं, वहां मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह और उल्लास का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
संत तुलछाराम जी महाराज से आशीर्वाद
वसुंधरा राजे ने ब्रह्मऋषि ब्रह्मचार्य सिद्धसावित्री पीठाधीश्वर परम श्रद्धेय संत श्री तुलछाराम जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। संत तुलछाराम जी महाराज के सान्निध्य में Brahmadham Prem Sabha Asotra आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठी।
ब्रह्मधाम आसोतरा में पूजा-अर्चना
पूर्व मुख्यमंत्री ने श्री ब्रह्मधाम आसोतरा में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने ब्रह्माजी भगवान के दर्शन किए और अपने आराध्य गुरुदेव श्री खेतेश्वर महाराज को नमन किया। साथ ही पूज्य श्री खेताराम जी महाराज की समाधि पर भी शीश नवाया।
प्रेम सभा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
Brahmadham Prem Sabha Asotra में देशभर से आए समाज बंधुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। लाखों श्रद्धालु इस प्रेम सभा का हिस्सा बने। चारों ओर भक्ति संगीत, मंत्रोच्चार और जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
साधु-संतों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस दिव्य प्रेम सभा में साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। साधु समाज के राष्ट्रीय सचिव संत श्री निर्मलदास जी सहित अनेक संत महात्मा मंचासीन रहे। साथ ही कल्याणपुर प्रधान श्रावण सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
ब्रह्मधाम का आध्यात्मिक महत्व
Brahmadham Prem Sabha Asotra के माध्यम से ब्रह्मधाम आसोतरा का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व एक बार फिर उजागर हुआ। यह स्थल वर्षों से समाज को धर्म, सेवा और सद्भाव का संदेश देता आ रहा है और संत परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
समाज में प्रेम सभा का संदेश
प्रेम सभा का मूल उद्देश्य समाज में प्रेम, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना रहा। संतों ने अपने प्रवचनों में मानवता, सेवा और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। Brahmadham Prem Sabha Asotra ने समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।
श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाएं
श्रद्धालुओं का कहना था कि ब्रह्मधाम में आकर उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। लाखों लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि Brahmadham Prem Sabha Asotra केवल आयोजन नहीं, बल्कि जन-आस्था का प्रतीक बन चुका है।
कुल मिलाकर Brahmadham Prem Sabha Asotra श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता का भव्य संगम साबित हुई। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की उपस्थिति, संतों का आशीर्वाद और श्रद्धालुओं का जनसैलाब इस आयोजन को ऐतिहासिक बना गया। यह प्रेम सभा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
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